संदेश

सोने के तरीके

 FB-223 कुछ दिन पहले फेसबुक पर पायी जाने वाली लोगो की वैरायटी के बारे में लिखा था | आज आपसे बताना चाहती हूँ कि सोने ( sleeping ) के आधार पर कितने प्रकार के लोग पाये जाते हैं | टाईप 1 -------45डिग्री के कोण पर सोने वाले ... ..... ये लोग अपने घुटनों को मोड नाभि से लगाते हुए 45डिग्री का कोण बनाते हैं | ये बेड पर कब्जा इस तरह से रखते हैं कि दूसरा कोई सो ही ना पाये | टाईप 2 -----------90 डिग्री के कोण पर सोने वाले ------- ये एक दम सावधान की पोज़िशन में सोते हैं  | शायद ही ये रात में करवट लेते हो! ये जैसे सोते हैं सुबह उसी तरह 90 डिग्री कि पोज़िशन में जगते हैं | सोने में ये आदर्श टाईप के लोग होते हैं | विवाह या किसी कार्यक्रम आदि में जब सोने में एडजस्ट करने की बात हो तो इनकी बहुत डिमांड रहती हैं | युवा से लेकर बुजूर्गो तक को इनसे कोई समस्या नहीं होती | इस टाईप के लोगो का एक लाभ ये भी हैं ये एक बेड पर 5-7 आराम से एडजस्ट हो सकते हैं 😄😂| सबसे खास बात इनकी 45 वालो से तो बिलकुल भी नहीं बनती , छत्तीस का आंकडा रहता हैं उनसे तो| 45 वालों के साथ सोने के बजाय ये ज़मीं पर सोना पसंद करते हैं | ट...

स्वतंत्रता दिवस/15 अगस्त

एक बार फिर मनेगा स्वतंत्रता का पर्व  लाल किले की भीड को होगा देश पर गर्व | फाइलो में होगा देश का विकास  भूखे ,नंगे ,गरीबो का होगा परिहास | आजादी का जश्न देश भर में होगा  लोकतंत्र का दम हर रोज घुटेगा | गरीब ,भूखा ,नंगा  बेचेगा सड़क पे तिरंगा  भरने को अपने बच्चों का पेट  गरीबो माँ सिलेगी झंडा | देश की आन बान शान  पर सब कुछ होगा कुर्बान || झंडा बेचकर मासूम सी जान  भरेगी अपना पेट  कभी रोटी के अभाव में  कमर से जा लगेगा ये पेट || और फिर एक दिन  भूख -प्यास ,गर्मी सर्दी से तडपकर  ये तोड़ देंगे दम | फिर भी भारत का विकास होता रहेगा  और गरीब बिना छत के सोता रहेगा || संसद और संविधान बार बार देंगे गारंटी  हर किसी को जीने की  भरपेट खाने और स्वच्छ जल पीने की | सड़क पर भीख मांगते और ढ़ाबों पर  बरतन धोते बच्चे  मिलेंगे स्कूलों के रजिस्टर में  सर्व शिक्षा अभियान को सफल बनाने के लिए || कुछ दिन बाद स्वतंत्रता का पर्व गुजर जायेगा  नेता जुमलेबाजी में और अफसर भ्रस्टाचार में  व्यस्त हो जायेगा || गरीब ,भूखे ,नंगे कि...

प्यार

 करीब होते हो तो हजारों सवाल दूर जाते हो तो सिर्फ तुम्हारा ख्याल|| #mylovemylife 

माँ

 *मेरी माँ* देकर जन्म मुझे किया मुझ पर उपकार ना जो से पाला पोसा बनाया इतना होनहार  जब आई कुछ करने की मेरी बारी  इस जहां से किया प्रस्थान  विधि के विधाता का  कैसा है यह विधान  सचमुच मां तुम थी बहुत महान|| जब भी मैं गिरी या लड़खड़ाई  उस समय बस याद तेरी आई  मेरी हर मुश्किल राह को किया तुमने आसान  सचमुच मां तुम थी बहुत महान|| ऐसी भी क्या थी मजबूरी जो बना ली मुझसे यूं दूरी   क्यों इतनी जल्दी छोड़ दिया यह जहान  सचमुच मां तुम थी बहुत महान|| निकली हूं मां बनने के सफर पर  सच कहूं मां लगता है बहुत डर  तुम साथ होती तो यह सफर हो जाता आसान  सचमुच मां तुम थी बहुत महान|| यूं तो मुझ पर है बहुत जिम्मेदारी  कभी-कभी होता है सिर बहुत भारी  फिर याद आती है बातें तुम्हारी  कमजोर नहीं है मेरी बेटी  बिटिया तुम तो हो मेरी शान  सचमुच मां तुम थी बहुत महान|| निस्वार्थ प्रेम और ममता की मूरत  मनमोहक सादगी भोली सी सूरत  अपने बच्चों के लिए किया सब कुछ कुरबान  सचमुच मां तुम थी  बहुत महान|| आज अगर तुम इ...

हिचकियां

 FB-136 सुबह से शुरू हुआ हिचकियों का खेल दिन ढलते ढलते मजेदार हो चला | स्कूल से आते ही बच्चे मेरी हिचकी को रोकने का जतन करने में लग गये | अच्छा आप एक काम करिये ......हमम्मं बोलो .....|>आप ना नाम लेना शुरू कीजिये ........पहला नुस्खा मेरी भतीजी का ! हाथी ,घोडा ,कुत्ता ,बिल्ली ,कबुतर ,तोता मैने नाम लेना शुरू किया !!! ओ माई गोड !;;!!! कहकर भतीजी सिर पीट ली | तो!???..अरे य़ार इंसानो के नाम लिजिये | अच्छा !इंसानो के ???? चिंटू ,मिंटू ,राम ,श्याम ,सीता ,गीता ,लक्षमी ...हंस्ते हुए मैने कहना शुरू किया | कुछ नहीं हो सकता आपका ....भतीजी ईरीटेट हो गयी | ज़िनका आपको लगता है कि वे आपको याद कर सकते है ....उनका लिजिये ...जो भी आपको मिस कर रहा होगा . .उसका नाम लेते ही हिचकी बन्द हो ज़ायेगी | गजब है हम भारत वाले भी .....कुछ ज्ञान तो यूँ ही अपने आप ही पीढी दर हस्तांतरित होता रहता है |तुम्हे किसने बताया ये सब ???हमे पता है और ऐसा करने से हिचकी बन्द हो भी जाती है ,बच्चो ने दावे के साथ कहा | इधर मेरी हिचकी कुछ खाने के बाद थोडी देर के लिये बन्द हो फिर से चालू हो जाती और उधर बच्चो के नये नये नुस्खे | ...

मेरा बाबू

 ऐ नन्ही सी जान तू बन गई है मेरी पहचान रातों को सोचूं दिन को विचारूँ किस नाम से मैं तुझको पुकारूं ऐ नन्ही सी जान , तू बन गई है मेरी पहचान|| तू ही मेरे अरमां, तू ही मेरा खिलौना तू बन गया है मेरा सपना सलोना ऐ नन्ही सी जान तू बन गई है मेरी पहचान|| तू है मेरी चाहत, तू जन्नत है मेरी तुझसे ही तो ये जिंदगी उन्नत मेरी ऐ नन्ही सी जान  तू बन गई है मेरी पहचान|| #अनितापाल

ख्याल और ख्वाब

 २८९ ख्वाबों ,ख्यालों और सवालों का है  काफिला संग में , लोग कहते है ..... तन्हा हूँ मैं ज़िंदगी के सफर में | आगे आगे चलते है ख्वाब , संग मेरे चलते है ख्याल  पीछे पीछे बहुत सारे सवाल || संभालती हूँ मैं इन्हे  या ये मुझे रहे है संभाल | अनुत्तरित है आज तक ये भी सवाल || ~~अनिता पाल

पहली मुलाकात

 "पहली मुलाकात "                    ( १) पहले प्यार की  पहली मुलाकात  हाथ में मेरे जब तुमने  रखा अपना हाथ  था वो कितना सुखद अहसास  कल तक था जो अजनबी  आज वो बन गया खास  पहले प्यार की  पहली मुलाकात ||                     (२) फैलाकर अपनी बाहों को  उनमें मुझे जकडना  करते हुए वादे हजारों  हाथ मेरा कसकर पकडना  लेकर लबो पर खामोशी  आँखो से हुई बाते हजार  तब समझ में मेरी आया  ये है मेरा पहला प्यार  कल तक तो जाने हालात  आज समझ आये जज्बात  पहले प्यार की  पहली मुलाकात ||                 (३) भोली सी सुरत  बातों में मिठास  प्यारी सी हंसी  खूबसुरत से जज्बात  पहले प्यार की  पहली मुलाकात |||                     ( ४) पहले प्यार का  पहला स्पर्श  भर गया जीवन में उत्कर्ष  दोनों बने प...

आंखे

आँखे " ज़िंदगी की खुशियों को चुनती हैं , हर रोज नित नये सपने बुनती हैं  'आँखे '| जिन्दगी को बिखरते और संवरते देखती हैं , एक पल रोती हैं तो अगले ही पल  हँस देती हैं  ' आँखे '| यूँ तो हमेशा ही प्यार लुटाती हैं , पर कभी कभी नफरत भी जताती हैं  'आँखे '| दिल की बात को चुपके से कह देती है , पर कभी कभी बहुत कुछ छुपाती हैं 'आँखे '| आँसू और मुस्कान दोनों को पालती हैं , सच कहूँ तो जिन्दगी को संभालती हैं 'आँखे ' ~~~~~~~अनिता  पाल ~~~``~~~~

मैं नारी हूं

 "मैं नारी हूँ " चप रहूँ तो  घमंडी हूँ . बहुत बोलूँ तो तेज तर्रार हूँ | ना कह दूँ तो अक्खड हूँ , इगनोर करूँ तो भोली हूँ | ज़माने ने कुछ यूँ ही तोली हूँ | क्यूँकि मैं एक लड़की हूँ || जानती हूँ मैं अपनी मर्यादा , ना सिखाओ तुम मुझे ज्यादा | माना कि मैं कोमल हूँ , लेकिन कमजोर नहीं | इतनी भी कच्ची डोर नहीं , मुझे गर्व हैं खुद पर कि मैं नारी हूँ , अपने अधिकारो की अधिकारी हूँ|| #अनिता पाल
 "ना परवा हैं ,ना पछुआ हैं  चली आज ये कौन  सी हवा हैं ! दुख का बादल हैं ,नैनो का नीर हैं , दिल में आज अजीब सी पीर हैं ! सहमी सहमी  सी हैं ये  धरती , आसमाँ भी मौन  हैं !! ज़िन्दगीं की इस नाव का खिवैया कौन हैं !! अनिता  पाल
हर किसी के महलो के होते नहीं चर्चे .... मुझे विश्वास हैं एक दिन मेरी झोपडी सुर्खियों में होगी | ~~~~~~~~anita pal~~~~~~~ #Anita Pal Sukhatri
 "क्या लिखूँ -2" बचपन का गाँव या यादों का शहर , सुख की छाँव या दुख का कहर || क्या लिखूँ ????? राहो की मुशकिल या बुलंद इरादे , कशमकश ज़िंदगी की या खुद से किये वादे || क्या लिखूँ ?????? दुनियां की हकीकत या सपनो का संसार , जग का व्यवहार या अपनो का प्यार | क्या लिखूँ ???? #AnitaPal

उल्लू बनाओ

उल्लू बनाओ" जब भी मेरे पास खाली समय होता है उसको या तोमैं अपनी डायरी के साथ बिताना पसंद करती हूँ या बच्चो के साथ | बच्चा भले ही एक दिन का क्यूँ ना हो| मुझे  "बच्चे मन के सच्चे " बहुत भाते है | और मैं बच्चो से दोस्ती करने में बहुत  माहिर हूँ | एक ही पल में  बच्चा बन उनसे घुल मिल जाती हूँ | बच्चो की अपनी दुनियां, अपने शब्द  ,अपने अर्थ और अपना शब्दकोश | आज एक बच्चा दीदी आप बोर नहीं होते अपनी लाइफ से ?? मैं --- बोर क्यूँ ??? आप दिन भर बिजी रहते हो?? खेलते भी नहीं अपने friends के साथ ????? मेरे सब friends दूर दूर रहते है ना .... अच्छा तो आप उनको उल्लू तो खूब बनाते होंगी ??? उल्लू कैसे बनाते है frnds को?? मैने मासूम सी शक्ल बनाते हुए और माथे में बल ड़ालते हुए कहा | अच्छा आपके frnds गर्ल या बॉयस बच्चे ने पूछा ??? दोनो है ..... हां तो उल्लू कैसे बनाते है ??? मैने फिर से पूछा ... आपको उल्लू लड़के को बनाना है या लड़की को?? दोनो को बनाना बता दीजिये |(😂😂) अच्छा सुनिये ..... बच्चे के इतना कहते ही मैने अपनी हंसी को रोकते हुए ......हां हां बताईये ..... आप ना अपने  जिस भी दोस्त ...

प्रेम पत्र

"कि मेरा प्रेम पत्र पढकर ..." प्रियवर ,              नाशते में आलू के परांठे दही के साथ खाने के बाद जो नींद आयी ना उसको मैं लिख नहीं सकती अभी अभी जागी हूँ | दिल और दिमाग एकदम शुन्य और शांत हैं इसी शांति का लाभ उठाकर तुम्हे पत्र लिखने बैठी हूँ |दुआ करो को विघ्न ना आये और पत्र पूरा हो ज़ाये|                                  सच बताऊँ डियर ....बचपन से ही मेरी बहुत इच्छा थी उच्च शिक्षा प्राप्त कर किसी अनपढ़े से शादी करने की हमेशा सोचती रहती थी कि कोई हाई स्कूल फेल तो मिल ही जायेगा कसम से तुम पांचवी पास को पाकर मैं फूली नहीं समा रही हूँ . .. वैसे तो 10 वीं पास भी अनपढ मैं ही आते हैं पर तुम तो सोने पर सुहागा हो मेरे लिये |                                प्रियवर बहुत विचित्र सी स्थिती हैं हमारे प्रेम के  बीच |उधर तुमाहरे अग्रज शादी कर नहीं रहे हैं और इधर मेरे अनुज मुझे सुबह शाम  एक ही ...

हलचल

 ५६३ "हलचल " गर्भ में बेटी माँ से बात किया करती थी  माँ भी बेटी के दिल की हर धडकन को सुना करती थी | बेटी जब पूछती "माँ धरती तो बहुत सुंदर होगी ??" माँ जवाब देती हाँ बेटी धरती तो बहुत सुंदर है  परंतु धरती के लोग .........?(कहकर माँ थोड़ा रूक सी जाती ) हाँ बेटी यहां नदियां है ,पहाड है ,खेत खलिहान है  यहाँ तो बिल्कुल ही एक नया जहान है || कुल मिलाकर धरती पर बहुत हलचल है | पैदा हुई जब बेटी तो चारो तरफ सन्नाटा था  देखकर शांति चारो ओर बेटी के मन में प्रश्न उठा था | माँ आप तो कहती थी धरती पर बहुत हलचल है  माँ ने कहा हाँ  बेटी , अभी तो ये तुम्हारा पहला ही पल है | धीरे धीरे बेटी बडी होती गयी  सखियो संग गुड्डे गुडियां के खेल में खो गयी | एक दिन धूल से सने हुए माँ की गोद में आयी  बोली माँ ये धरा तो उससे भी सुंदर है , ज़ितनी आपने थी बतायी || दबी जुबां  से माँ ने बेटी की हाँ में हाँ मिलायी  जैसे जैसे बेटी बडी होती गयी ,माँ ने  इस दुनियां की हकीकत उसे समझायी | इस धरा पर नारी का नहीं है सम्मान  अपमान के घूंट वह पीती है दिन रात | क्योंकि यह...
 एेमेरे मन  कितने करूँ जतन  ढूँढ़ती हूँ तुझे यहाँ  मिलता है तू वहाँ  क भी बादल सा आवारा  कभी दुखों का मारा  कभी खुशियों का ज़रिया  कभी आँसू का दरिया || एे मेरे मन  कितने करूँ जतन  कभी भरता है उडान  कभी बन जाता नादान  एे मन क्यूँ डोलता है इधर उधर  कभी हो जाता है खुद से ही बेखबर  कभी तो संग मेरे बैठकर  ऐ मन तू मुझसे बात कर   तू ही मेरी मंजिल  तू ही मेरा हमसफर | एे मेरे मन ....

अहिल्याबाई होलकर जयंती

 दया धर्म की मूरत थी वह ,दुखियों की भगवान थी पिता माणकोजी शिन्दें ,माता सुशीला की गोद में खेली थी ! पाँच भाईयों की वह बहन  अलबेली थी !! श्वसुर मल्हार राव होलकर की वह सेविका थी , खण्डेराव होलकर की वह पतिव्रता नारी थी !! मालेराव और मुक्ताबाई की वह ममतामयी  माता थी , थे हजारों रूप उसके ,वह जन जन को भायी थी पतित पावन  वह पूजनीय अहिल्याबाई  थी !! हुई अवतरित जब धरा पर ,सारा कुटुम्ब मुस्काया था उसके अलौकिक तेज से भानू भी शर्माया था !! थी नहीं साधारण नारी ,वह देवी का अवतार  थी , दरिद्र जनों के दुख दूर करती ,दुर्गा के समान थी शिवलिंग की पूजा करती सती के समान थी !! विद्वानों को तो वह साक्षात सरस्वती लगती  थी मंत्रियों में वह स्वयं मंत्र बन जाती थी , शत्रुओं के समक्ष वह काली का रूप धर लेती थी !! देखकर दुखी जनों को ,वह माँ संतोषी बन जाती थी , सीता समान चरित्रवान और पतिव्रता नारी थी और क्या क्या कहुं उसे ,वह अदभुत चिंगारी थी!! सप्तपुरी ,चार धाम और बारह ज्योर्तिलिंगो  को चमकाया था , भारत भर में उसने मन्दिर ,धर्मशाला और घाटों का निर्माण करवाया था , राम राज्य बना...

ख्वाब कोई

"ख्वाब कोई " ख्वाब कोई बुन रही हूँ , धुन कोई सुन रही हूँ | ऊर्जा से ओतप्रोत  असीमित उमंगो का स्रोत | ज़िन्दगी की खुशियाँ चुन रही हूँ  ख्वाब कोई बुन रही हूँ ....... कभी अपनो की फिकर  कभी खुद से ही बेखबर  मंजिलो की राह पर चल रही हूँ  ख्वाब कोई बुन रही हूँ ........ धुन कोई  सुन रही हूँ  कभी राधा सी चंचल , कभी मीरा सी मगन  कैसी लागी मुझे ये लगन ह्रदय के बजते तार  कभी बजे मन की गिटार  संगीत ज़िंदगी का सुन रही हूँ | ख्वाब कोई बुन रही हूँ ...... धुन कोई सुन रही हूँ  कभी आँसूओ की बौछार  कभी खुशियो की भरमार  कभी दर्द की पुकार  कभी हंसी की बहार  रंग ज़िंदगी के चुन रही हूँ | ख्वाब कोई बुन रही हूँ  धुन कोई सुन रही हूँ | #अनितापाल  #Anita Pal Sukhatri