स्वतंत्रता दिवस/15 अगस्त


एक बार फिर मनेगा स्वतंत्रता का पर्व 

लाल किले की भीड को होगा देश पर गर्व |

फाइलो में होगा देश का विकास 

भूखे ,नंगे ,गरीबो का होगा परिहास |

आजादी का जश्न देश भर में होगा 

लोकतंत्र का दम हर रोज घुटेगा |

गरीब ,भूखा ,नंगा 

बेचेगा सड़क पे तिरंगा 

भरने को अपने बच्चों का पेट 

गरीबो माँ सिलेगी झंडा |

देश की आन बान शान 

पर सब कुछ होगा कुर्बान ||

झंडा बेचकर मासूम सी जान 

भरेगी अपना पेट 

कभी रोटी के अभाव में 

कमर से जा लगेगा ये पेट ||

और फिर एक दिन 

भूख -प्यास ,गर्मी सर्दी से तडपकर 

ये तोड़ देंगे दम |

फिर भी भारत का विकास होता रहेगा 

और गरीब बिना छत के सोता रहेगा ||

संसद और संविधान बार बार देंगे गारंटी 

हर किसी को जीने की 

भरपेट खाने और स्वच्छ जल पीने की |

सड़क पर भीख मांगते और ढ़ाबों पर 

बरतन धोते बच्चे 

मिलेंगे स्कूलों के रजिस्टर में 

सर्व शिक्षा अभियान को सफल बनाने के लिए ||

कुछ दिन बाद स्वतंत्रता का पर्व गुजर जायेगा 

नेता जुमलेबाजी में और अफसर भ्रस्टाचार में 

व्यस्त हो जायेगा ||

गरीब ,भूखे ,नंगे किस्मत के भरोसे ज़ियेंगे 

कूड़े के ढेर से खाकर रोटी ,

गटर का पानी पियेंगे ||

स्वतंत्रता के माह में जो बच गये बाढ से ,

वो गणतन्त्र के माह में ठंड से मर ज़ायेंगे ||

जब आयेगा लोकतंत्र का पर्व 

गरीब सरकार बनायेंगे ||

चुनाव जीतकर नेताजी 

पांच साल के लिये हनीमून पर चले ज़ायेंगे ||

क्या हुआ तेरा वादा कहकर 

नेताजी सड़कों से कोसे ज़ायेंगे |

सोचती हूँ ..........

क्या गरीबों के भी कभी 

अच्छे दिन आयेंगे ???

#अनितापाल

#Anitapal 

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