बेटियां
"बेटियाँ"
खरपतवार सी होती हैं बेटियाँ ,
जहां तहां यहां वहाँ उग आती हैं
खाद पानी बेटों में और लहराती हैं बेटियाँ|
ज्यों ही ज़माती हैं ज़ड़े
उखाड दूसरी जगह रोप दी जाती हैं बेटियाँ
नयी मिट्टी में अनुकुलन कर ,
एक बार फिर ज़ड़े मजबूत कर लेती हैं बेटियाँ ||
सबके मन को शीतलता
और प्यार की छाया देती हैं बेटियाँ |
उम्र बढने के साथ ही देखभाल के अभाव में
सूख जाती हैं बेटियाँ
और अंततःकाल के झोके से
भरभराकर गिर जाती हैं बेटियाँ
#अनिता पाल
👍🏻👍🏻👍🏻
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