ख्वाब कोई

"ख्वाब कोई "

ख्वाब कोई बुन रही हूँ ,

धुन कोई सुन रही हूँ |

ऊर्जा से ओतप्रोत 

असीमित उमंगो का स्रोत |

ज़िन्दगी की खुशियाँ चुन रही हूँ 

ख्वाब कोई बुन रही हूँ .......

कभी अपनो की फिकर 

कभी खुद से ही बेखबर 

मंजिलो की राह पर चल रही हूँ 

ख्वाब कोई बुन रही हूँ ........

धुन कोई  सुन रही हूँ 

कभी राधा सी चंचल ,

कभी मीरा सी मगन 

कैसी लागी मुझे ये लगन

ह्रदय के बजते तार 

कभी बजे मन की गिटार 

संगीत ज़िंदगी का सुन रही हूँ |

ख्वाब कोई बुन रही हूँ ......

धुन कोई सुन रही हूँ 

कभी आँसूओ की बौछार 

कभी खुशियो की भरमार 

कभी दर्द की पुकार

 कभी हंसी की बहार 

रंग ज़िंदगी के चुन रही हूँ |

ख्वाब कोई बुन रही हूँ 

धुन कोई सुन रही हूँ |

#अनितापाल 

#Anita Pal Sukhatri

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