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"तलाश जीवन साथी की " "शादी फिक्स हो रही है पर लड़की /लडका मुझे ज्यादा पसंद नहीं है ||" जीवन साथी की तलाश कर रहे नौजवानो की ये प्रमुख समस्या है |.इस विषय पर मेरे विचार .... जूताऔर जीवन साथी अपने साइज का ही होना चाहिये .....अगर इनका साइज बडा हुआ तो आपको घसीटना पडेगा और साइज छोटा हुआ तो आपको दर्द देगा | रही बात खूबसुरती की .....आपके जूते बहुत खूबसुरत है सब उनकी तारीफ करते है ...पर वे ही जूते अन्दर आपके पैरों में घाव कर देते है आप बिल्कुल भी कमफर्टेबल नहीं है उन जूतो के साथ ....तो ऐसे जूते किस काम के .....|       ये ही बात जीवन साथी पर लागू होती है .....हो सकता है किसी का  जीवन साथी बहुत खूबसुरत हो और उसको पहली नजर में ही वो पसंद आ गया हो  लेकिन अगर उनके विचार और दिल नहीं मिलते तो ये भी हो सकता है उसे उस सुन्दरता से नफरत हो जाये | ठीक इसका विपरीत भी हो सकता है .   .  .किसी का जीवन साथी बहुत साधारण सा हो परन्तु हो सकता है कि उनकी आपसी समझ इतनी अच्छी हो कि एक दुसरे की सादगी में उन्हे खूबसूरती नजर आने लगे |  कहने का तात्पर्य यह है कि शारीरिक सौंदर्य...
२६१ अगर बन ना सकूँ मैं प्रेम का सागर प्रीत का दरिया बन जाऊँ | अगर मिटा ना सकूँं गम सभी के खुशी का जरिया बन जाऊँ || #अनितापाल
२६० "याद पिया की" लड गये नैन उड गया चैन ओ पिया ........ ये कैसा दर्द दे दिया तुम बिन लगता नहीं ज़िया || सावन की फुहार फागुन की बहार करती है बेकरार ओ पिया ....... तुम बिन लगता नहीं ज़िया || सूनी है हर सुबह और शाम लबों पर है बस तेरा नाम ओ पिया ........ तुम बिन लगता नहीं ज़िया || ~~~~~अनिता पाल ~~~~
FB-20 "बचपन की नींद भी मस्त " ना चिंता ना फिकर , दुनियाँ की खबरों से बेखबर | ना किसी का ख्याल ना ज़माने का असर | चलों सो जाये बनके बच्चा , सब होगा अच्छा ही अच्छा | जिन्दगी हो लाजवाब , देखे हर रात ये ख्वाब | ~~~``~अनिता पाल ~~~
"मेरा परिचय " एक पंक्ति में कहूँ  तो अजूबा हूँ कर लो दुनियां मुट्ठी में , हर रोज इस ख्वाहिश के साथ जगती हूँ | नियम कानूनों को मानती हूँ ,रिश्ते नातों को निभाती हूँ छीनता है कोई मेरे अधिकार तो दुर्गा और काली बन जाती हूँ | मेहनत मैं दिल से करती हूँ ,हर वक्त व्यस्त रहती हूँ अपने काम से है बेहद प्यार | किताबों में बसते है मेरे प्राण || जीतने की ज़िद है ,इरादे है बुलंद चाहती हूँ आसमां में उडना स्वच्छंद | लगाये कोई मुझ पर बन्दिशे ,ये नहीं है पसंद इसीलिये अपनी सीमायें खुद तय करती हूँ | समाज में फैली बुराईयां मुझे आहत करती है राहों की मुशकिले मुझ में जोश भरती है | मुश्किलों में मैं और मजबूत बन जाती हूँ राह की दुश्वारियों में भी मैं मुस्कुराती हूँ खुशियों के गीत हर पल गुनगुनाती हूँ || ~~~~~~~अनिता पाल ~~~~~~ #
FB-32 "मैं नारी हूँ " चुप रहूँ तो  घमंडी हूँ . बहुत बोलूँ तो तेज तर्रार हूँ | ना कह दूँ तो अक्खड हूँ , इगनोर करूँ तो भोली हूँ | ज़माने ने कुछ यूँ ही तोली हूँ | क्यूँकि मैं एक लड़की हूँ || जानती हूँ मैं अपनी मर्यादा , ना सिखाओ तुम मुझे ज्यादा | माना कि मैं कोमल हूँ , लेकिन कमजोर नहीं | इतनी भी कच्ची डोर नहीं , मुझे गर्व हैं खुद पर कि मैं नारी हूँ , अपने अधिकारों की अधिकारी हूँ || ~~~~~~अनिता पाल ~~~~~
३४५ क्या भूलूँ ,क्या याद करूँ किस किस से फरियाद करूँ || झुक गयी है पाप के बोझ से धरती , सोचती हूँ ......! बनके दुर्गा दुष्टों का संहार करूँ || कब तक सहेंगे यूँ जुल्मों को , अब तो बस प्रहार करूँ | क्या भूलूँ ,क्या याद करूँ || #अनितापाल
२४९ सादगी मेरा सौन्दर्य है मुस्कान मेरा श्रंगार , आत्मविश्वास मेरा गहना है | ज़िंदगी की हर मुश्किल को मुझको तो बस हंसकर सहना है | #Anita Pal Sukhatri
एे  ज़िन्दगीं तू कितना  भी कर ले सितम हर पल यूँ ही मुस्करायेंगे हम ! मुस्करायेंगे इतना कि छू मंतर हो जायेगा हर गम , हमारे इरादों के आगे ये मुशकिले हैं कम ! ना रुकेंगे ,ना थकेंगे , ना हौसलें होंगे कम , एे ज़िन्दगीं तू कितना भी कर ले सितम ! अनिता  पाल !!!!!!!
मेरी शायरी ,मेरी कविता ,मेरी गजल  हो तुम ! मेरी ज़िन्दगी का खिलता हुआ कमल  हो तुम ! नजरों से भले ही दूर हो , दिल के बहुत करीब हो , तुम ही मेरा भाग्य ,तुम ही मेरा नसीब हो !!! miss you माँ !!!A.P