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"याद पिया की"

लड गये नैन
उड गया चैन
ओ पिया ........
ये कैसा दर्द दे दिया
तुम बिन लगता नहीं ज़िया ||
सावन की फुहार
फागुन की बहार
करती है बेकरार
ओ पिया .......
तुम बिन लगता नहीं ज़िया ||
सूनी है हर सुबह और शाम
लबों पर है बस तेरा नाम
ओ पिया ........
तुम बिन लगता नहीं ज़िया ||
~~~~~अनिता पाल ~~~~

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