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"मैं नारी हूँ "

चुप रहूँ तो  घमंडी हूँ .
बहुत बोलूँ तो तेज तर्रार हूँ |
ना कह दूँ तो अक्खड हूँ ,
इगनोर करूँ तो भोली हूँ |
ज़माने ने कुछ यूँ ही तोली हूँ |
क्यूँकि मैं एक लड़की हूँ ||

जानती हूँ मैं अपनी मर्यादा ,
ना सिखाओ तुम मुझे ज्यादा |
माना कि मैं कोमल हूँ ,
लेकिन कमजोर नहीं |
इतनी भी कच्ची डोर नहीं ,
मुझे गर्व हैं खुद पर कि मैं नारी हूँ ,
अपने अधिकारों की अधिकारी हूँ ||
~~~~~~अनिता पाल ~~~~~

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