एे  ज़िन्दगीं तू कितना  भी कर ले सितम
हर पल यूँ ही मुस्करायेंगे हम !
मुस्करायेंगे इतना कि छू मंतर हो जायेगा हर गम ,
हमारे इरादों के आगे ये मुशकिले हैं कम !
ना रुकेंगे ,ना थकेंगे , ना हौसलें होंगे कम ,
एे ज़िन्दगीं तू कितना भी कर ले सितम !
अनिता  पाल !!!!!!!

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