संदेश

७३६ "प्रेमपत्र 6" "प्रियवर "              सुना है आज कोई खास दिन है | सच कहूँ तो मेरा प्यार किसी एक दिन का मोहताज नहीं | हर रोज की तरह ऑफिस जा रही पर आज की सुबह रोज की सुबह से अलग है बारिश ने सुबह को खुशनुमा बना दिया | कैब में चल रहा गाना " आये हो मेरी ज़िंदगी में तुम बहार बनके ,मेरे दिल में यूँ ही रहना ..,.." ज़ेहन में धीरे धीरे उतर रहा है |  दिल चाहता है तुम जब भी आओ सावन की तरह आना प्रेमवर्षा से मुझे नखशिख भीगो देना | सच कहूँ तो मुझे बारिश में भीगने का इतना शौक है कि कभी छाता लेकर नहीं चलती और आज घर से निकलते हुए  बारिश की मोटी मोटी बुंदे मन को शीतल कर गयी ..अभी पिछले सप्ताह की ही तो बात है जब ऑफिस से घर जाते समय बारिश में भीगकर ऐसे खुश थी जैसे सावन की बारिश में भीगकर लोग फूले नहीं समाते •| मैं इस बात से भी बेफिक्र थी कि सर्दी की बारिश भीगोकर बुखार को भी आमंत्रित कर सकती है | पर डियर तुम सावन बनके  मोहब्बत बरसा  देना इश्क का बुखार भी हो जाये  मुझे इसकी परवाह नहीं |बाकि बाते बाद में | अपना ख्याल  रखना |   ...
७३४ उम्र की ढलान पर मुशकिलों की चट्टान पर ज़िम्मेदारियों की थकान पर एक दुजे का हाथ थामकर यूँ ही हमेशा प्यार कर ज़िंदगी के हर मोड पर थोड़ा गम  ,ख़ुशी ज्यादा आओ करे हम ये वादा मजबूत रहेगा अपना इरादा || #promiseday
७३३                              (  १) उम्र के उस पडाव पर जब पक ज़ायेंगे बाल आँखो में दिखेंगे रेशे लाल मुख में नहीं होंगे दांत #वादा_करो तब भी यूँ ही करोगे मुझे प्यार ||                   (२)       समय की तराजू में तोल तो ना लोगे मेरे प्यार को गुजरते वर्षों की गिनती में मुझे प्यार से पुकारना भूल तो ना जाओगे मेरे कंपकपाते हाथों को प्यार से थाम तो लोगे ना || #वादाकरो                          (३) माथे पर पड़ी लकीरों को तुम पढ तो लोगे ना मेरे पिचके हुए गालो को उतने ही प्यार से चूम लोगे अदृश्य हो गये आकर्षण को तुम निहार तो लोगे न || #वादाकरो                          ( ४) लडखडाती जुबान की आवाज को बिन कहे ही समझ तो लोगे न एे मेरे हनसफर करो ये वादा साथ मेरा तुम दोगे सदा || #AP #Happy_promise_day ...
"पहली मुलाकात "                    ( १) पहले प्यार की पहली मुलाकात हाथ में मेरे जब तुमने रखा अपना हाथ था वो कितना सुखद अहसास कल तक था जो अजनबी आज वो बन गया खास पहले प्यार की पहली मुलाकात ||                     (२) फैलाकर अपनी बाहों को उनमें मुझे जकडना करते हुए वादे हजारों हाथ मेरा कसकर पकडना लेकर लबो पर खामोशी आँखो से हुई बाते हजार तब समझ में मेरी आया ये है मेरा पहला प्यार कल तक तो जाने हालात आज समझ आये जज्बात पहले प्यार की पहली मुलाकात ||                 (३) भोली सी सुरत बातों में मिठास प्यारी सी हंसी खूबसुरत से जज्बात पहले प्यार की पहली मुलाकात |||                     ( ४) पहले प्यार का पहला स्पर्श भर गया जीवन में उत्कर्ष दोनों बने प्यार की मूरत पहली बार लगी ज़िंदगी खूबसूरत सोचा थाम लूँ इस पल को लगे ना नजर हमारे कल को हर दिन ज़िंदगी में हो प्यार की मिठास पह...
एक जैसे हैं हालात एक जैसे हैं जज्बात ना फिकर करना मेरे हमसफर ना ड़रने की करना बात  राहें  हो जायेगी आसान जब हम चलेंगे  साथ साथ || एक जैसे हैं हालात एक जैसे हैं जज्बात ख़ुशी का दिन हो य़ा गम की हो रात चलेंगे थामे एक दुजे का हाथ ना फिकर करना मेरे हमदम ना डरने की करना बात एक  जैसे हैं हालात एक  जैसे  हैं जज्बात || #AP
७२२ गाँव वाले घर में , मेरे बचपन की यादे रहती है बोलता है घर का कोना कोना दीवारे भी बहुत कुछ कहती है || गाँव वाले घर में मेरे बचपन  की यादे रहती है सोचती हूँ ? एक बार  जाऊँ उस घर में समेट लाऊँ वो सब यादे जो बड़े शहरों में नहीं  मिलती है गांव वाले घर में मेरे बचपन की यादें रहती है || जी भरके चूम लूँ उन दीवारों को जो वर्षों माँ के स्पर्श से महकी है गांव वाले घर में मेरे बचपन की यादें रहती है || गगनचुम्बी इमारतों की दीवारे हर पल लगती है बेगानी मिट्टी की सौंधी खुशबू उनसे नहीं आती है गांव वाले घर में मेरे बचपन की यादें रहती || #AP
"बाल दिवस " घर को किलकारी से गुंजाते नन्हे मुन्नो को बस्ते के बोझ तले दबे बचपन को शरारत करते लड़कपन को सड़को पर कूडा बीनते बच्चों को दो जून की रोटी को तरसती मासूमियत को बाल उमर में जिम्मेदारी का बोझ ढ़ोती शख्सियत को ढ़ाबे पर बरतन धोते छोटू को चाय बेचते गोलू को बाल दिवस की शुभकामनायें |
FB-251 कभी कभी आँसू जाते हैं हार कभी हार जाता हैं प्यार | हार जाती हैं यादे हार जाती हैं फरियादे | हार के इस सिलसिले में एक दिन ज़िंदगी भी जाती है हार || इसमें ही  हैं जीवन का सार और क्या लिखूँ  मेरे यार ||| ~~~~~~अनितापाल ~~~~~~~ #Anita Pal Sukhatri
FB-251 कभी कभी आँसू जाते हैं हार कभी हार जाता हैं प्यार | हार जाती हैं यादे हार जाती हैं फरियादे | हार के इस सिलसिले में एक दिन ज़िंदगी भी जाती है हार || इसमें ही  हैं जीवन का सार और क्या लिखूँ  मेरे यार ||| ~~~~~~अनितापाल ~~~~~~~ #Anita Pal Sukhatri
FB-251 कभी कभी आँसू जाते हैं हार कभी हार जाता हैं प्यार | हार जाती हैं यादे हार जाती हैं फरियादे | हार के इस सिलसिले में एक दिन ज़िंदगी भी जाती है हार || इसमें ही  हैं जीवन का सार और क्या लिखूँ  मेरे यार ||| ~~~~~~अनितापाल ~~~~~~~ #Anita Pal Sukhatri