जिंदगी

 ७४२

रात की ये तन्हाई 

याद तेरी संग लाई 

आँखों में तुम्हारे ख्वाब है 

दिल में तुम्हारे ख्याल है 

तुम्हारे ख्यालों से मेरी रातें हुई रंगीन है 

तुम्हारी यादों से दिन हुए हसीन है 

दिल की धड़कन है तुम्हारा बसेरा 

हर सांस पर है तुम्हारा पहरा 

तुम्हारी यादों में सिमट गया है मेरा जहान 

तुम्हारी मुस्कान बन गयी है मेरी पहचान 

होती क्या है चाहत???

तुमसे मिलकर हमने है जाना 

कुछ है दूरी ,कुछ है मजबूरी 

सच कहूँ तो तुम बिन 

मेरी ज़िंदगी है अधूरी ||

#लवयूज़िंदगी 

#अनिता पाल


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