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क्या बताये साहब ???
बुन रही हूँ आजकल ख्वाब
सपनों की चुनर में लगाये
उम्मीदों के सितारे है ||
एक भोली सी सुरत पर
दिल हम हारे है ||
#AP
क्या बताये साहब ???
बुन रही हूँ आजकल ख्वाब
सपनों की चुनर में लगाये
उम्मीदों के सितारे है ||
एक भोली सी सुरत पर
दिल हम हारे है ||
#AP
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