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"बेबसी"
हर रोज की तरह ऑफिस जाने के लिये ऑटो का इंतजार कर रही थी थोडी देर बाद एक ऑटो रुका | एक लड़का और एक लड़की पहले से ही ऑटो में बैठे हुए थे दोनों की हीऊम्र 18-20 वर्ष होगी | ऑटो में बैठते ही मैने देखा लडकी रो रही है और लड़का उसको कुछ समझा रहा हैं | ऑटो में तेज आवाज में चल रहे म्यूजिक के कारण मुझे बस एक इतना ही सुनायी दिया ....
कभी मेरे बारे में भी सोचा है तुमने ??..लडकी ने रोते हुए कहा ...
मैने तो कभी सोचा ही नहीं तुम्हारे बारे में ...लड़के ने माथे सलवटे ड़ालते हुए कहा ...
लडकी थोडी देर तेज तेज रोकर चुप हो गयी और फिर अपना सिर पकड कर बाहर की ओर देखने लगी लड़का बार बार बेचैन हो उसका चेहरा देखने की असफल कोशिश करता और फिर मेरी ओर देखकर ये आश्वस्त होने की कोशिश करता कि मैं उनके मामले से अनभिज्ञहूँ ....अफसोस वो दोनों तरफ ही असफल प्रयास कर रहा था | क्यूँकि सबकुछ भले ही ना पता हो पर कुछ तो आभास हो ही गया था मुझे |
मेरे साथ बैठे सहयात्री एक दूसरे को जानते हुए भी भले ही चुप हो परन्तु मेरे खुद से ही हो रहे सवाल जवाब जारी थे .....
ये कौन से कालेज के स्टूड़ेंट है ??? यूनिफॉर्म पहचानने का प्रयास करती हूँ ||
यूनीफॉर्म में नहीं है दोनो में से किसी के भी पास बैग भी नहीं है ??
अभी उम्र ही कितनी है दोनों की ??
आखिर क्या समस्या होगी कि लडकी पब्लिक पलैस पर ही फफक पडी .घर जाकर रोने तक का इंतजार नहीं कर सकी |???
उम्र ही कितनी है इस लड़के की ?? कितना बेबसी और लाचारी है लड़के के चेहरे पर ????
कुछ इस तरह के सवाल खुद से ही करते करते मैं अपने गंतव्य तक पहुँच गयी ||
ऑफिस से वापस आते हुए संयोगवश वो दोनों मुझे फिर से दिखायी दिये दोनों खुश दिख रहे थे | वे उसी ऑटो में बैठने वाले थे जैसे ही दोनों ने मुझे पहचाना तो थोड़ा झेंप गये | और दोनों दूसरे ऑटो की तरफ बढ़ गये |
#AP
"बेबसी"
हर रोज की तरह ऑफिस जाने के लिये ऑटो का इंतजार कर रही थी थोडी देर बाद एक ऑटो रुका | एक लड़का और एक लड़की पहले से ही ऑटो में बैठे हुए थे दोनों की हीऊम्र 18-20 वर्ष होगी | ऑटो में बैठते ही मैने देखा लडकी रो रही है और लड़का उसको कुछ समझा रहा हैं | ऑटो में तेज आवाज में चल रहे म्यूजिक के कारण मुझे बस एक इतना ही सुनायी दिया ....
कभी मेरे बारे में भी सोचा है तुमने ??..लडकी ने रोते हुए कहा ...
मैने तो कभी सोचा ही नहीं तुम्हारे बारे में ...लड़के ने माथे सलवटे ड़ालते हुए कहा ...
लडकी थोडी देर तेज तेज रोकर चुप हो गयी और फिर अपना सिर पकड कर बाहर की ओर देखने लगी लड़का बार बार बेचैन हो उसका चेहरा देखने की असफल कोशिश करता और फिर मेरी ओर देखकर ये आश्वस्त होने की कोशिश करता कि मैं उनके मामले से अनभिज्ञहूँ ....अफसोस वो दोनों तरफ ही असफल प्रयास कर रहा था | क्यूँकि सबकुछ भले ही ना पता हो पर कुछ तो आभास हो ही गया था मुझे |
मेरे साथ बैठे सहयात्री एक दूसरे को जानते हुए भी भले ही चुप हो परन्तु मेरे खुद से ही हो रहे सवाल जवाब जारी थे .....
ये कौन से कालेज के स्टूड़ेंट है ??? यूनिफॉर्म पहचानने का प्रयास करती हूँ ||
यूनीफॉर्म में नहीं है दोनो में से किसी के भी पास बैग भी नहीं है ??
अभी उम्र ही कितनी है दोनों की ??
आखिर क्या समस्या होगी कि लडकी पब्लिक पलैस पर ही फफक पडी .घर जाकर रोने तक का इंतजार नहीं कर सकी |???
उम्र ही कितनी है इस लड़के की ?? कितना बेबसी और लाचारी है लड़के के चेहरे पर ????
कुछ इस तरह के सवाल खुद से ही करते करते मैं अपने गंतव्य तक पहुँच गयी ||
ऑफिस से वापस आते हुए संयोगवश वो दोनों मुझे फिर से दिखायी दिये दोनों खुश दिख रहे थे | वे उसी ऑटो में बैठने वाले थे जैसे ही दोनों ने मुझे पहचाना तो थोड़ा झेंप गये | और दोनों दूसरे ऑटो की तरफ बढ़ गये |
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