"खुद में ही है खुदा "
खुद ही राँझा हीर हूँ
खुद ही हूँ सोनी महिवाल
इश्क किया है खुद से
हुआ है बुरा हाल ||
हर पल होती खुद की फिक्र
हर बात में होता खुद का ज़िक्र
खुद की ही अब होती पुकार
खुद पर ही लुटता है प्यार
खुद के इश्क में हो गये पागल
खुद के ही हम हो गये कायल
खुद में ही अब जीना मरना
खुदी में है खुदा बन जाना
खुद से ही जुदा ,खुद ही पर फिदा
सबसे अलग है अपनी हर अदा ||
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें