ाँचवां शतक "
यूँ तो हर शतक "मेरी माँ " के लिये होता है पर ये शतक मेरी प्यारी सी "मौसी माँ " के लिये ....

माँ के जैसी होती मौसी
माँ के जैसा रखती ख्याल
बनकर माँ करती फिकर
माँ की तरह ही लुटाती प्यार
माँ के जैसी भोली सी सूरत
माँ के जैसी ममता की मूरत
माँ के जैसी दूजी माँ
याद बहोत आती है "मौसी माँ "
#missyou

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