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प्यार में भले ही
लांघ दो साथ समन्दर
लांघ दो क्षितिज रेखा
पहुँच जाओ पाताल तक
पर कभी नहीं करना
 उस रेखा को पार
जिसको लांघ जाने पर
वो ह्रदय करे चीत्कार
जिसने आपको अपने
दूध और खून से सींचा हैं ||
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                        (२)
प्यार में भले ही
छू लो आसमां
छा जाओ धरा पर
खरीद लो खुशियां
कमा लो दौलत बेशुमार
पर  ना बेच देना वो संस्कार
जिसने तुम्हें जीना था सिखाया ||

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