सावन में मेघा बरसे या ना बरसे पर हमारे नैना ज़रूर बरसते  है |ज़िंदगी में कुछ दर्द ऐसे होते है ज़िसकी दवा वक्त के पास भी नहीं होती |ज़िंदगी के कुछ घाव ऐसे होते है ज़िन पर अपनो के प्यार का मरहम भी असर नहीं करता |ये दर्द ,ये घाव  नासूर बन जाते है |इनका बस एक ही ईलाज है सहना और सहना |हां कभी कभी रोकर इस दर्द को कम किया जाता है ||
                                 पर आज के अतिवादिता के दौर में रोना भी प्रतिबंधित सा हो गया है || जहां देखो खुश रहने और मुस्कारने के विज्ञापन े होते है और इसी का प्रचार प्रसार किया जाता है |मानो दुख और रोना जीवन का हिस्सा ही ना हो| मनुष्य की कुछ स्वाभाविक  क्रियायें होती है रोना भी उनमे से ही एक है |जैसे खुशी की कोई बात होने पर हंसी आना स्वाभाविक है वैसे ही ज़िंदगी में दुख आने पर रोना भी स्वाभाविक है |
                              जिस रोने को लोग ज़िंदगी का नकारात्मक और कमजोर पक्ष मानते है उसे मैं ज़िंदगी का अहम और ज़रूरी हिस्सा मानती हूँ | रोने के भी अपने फायदे है | [आँसू को लेकर मैने कई कविताये भी लिखी है |]
           रोने का सबसे बडा फायदा तो ये है आपके अन्दर बुरे वक्त से गुजरने की हिम्मत आ जाती है | जैसे बहुत तेज बारिश होती है तो सड़को पर ज़मी धूल गर्द आदि साफ हो जाती है वैसे  ही मुसीबतों के समय खुलकर रोने से आपके दिल पर ज़मी दुखो की धूल और मैल साफ हो जाती है |
                            बुरे वक्त में जो लोग घुट घुट कर जीते है ना अपनी समस्या किसी से कह पाते और ना ही खुलकर रो पाते वे कुँठा से ग्रस्त हो अंत में अवसादग्रस्त हो जाते है |इसीलिये बुरे वक्त में रोना अच्छी बात है | (लड़कियां इस मामले में अवल्ल होती है ) कोई फर्क नहीं पड़ता  आप महिला है या पुरूष |जी भर कर रो लीजिये |अपना कमरा बन्द कीजिये .....आईने के सामने खडे हो जाइये ....अपनी आँखो से टपकते आँसूओं को देखिये  और खुद से वादा कीजिये ....मेरी आँखो से निकला एक एक आँसू मोती बनकर चमकेगा ......तब देखिये ...आपके अन्दर एक सकारतमक ऊर्जा का संचार होगा |आप स्वयं को ऊर्जावान महसुस करेंगे |प्रस्तुत है "आँसू " शीर्षक से लिखी मेरी एक कविता की दो पंक्तिया ...
"आंखो से निकले आँसूओ को हमने दर्पण में निहारा है ,
ये आँसू एक दिन मोती बन चमकेगें ये हमारे दिल ने पुकारा है |
अंत में बस ये ही कहना चाहती हूँ अतिवादिता से बचे व्यवहारिक जीवन ज़िये |सफलता संघर्ष के बाद ही मिलती है ,किसी के पास जादू की छडी नहीं है जो आपको रातोरात सफल बना दे| वक्त के थपेडो को सहना ही पड़ता है इसकी कोई दवा नहीं है |यहां अंग्रेजी की  एक कहावत  याद आ रही है .....
which can not be cure
must be endure .......||
(ये मेरे अपने विचार है ,ज़िंदगी जीने का अपना नजरिया है ..किसी पर थोपने का प्रयास नहीं ,..हो सकता है आपका नजरिया अलग हो|)
~~~~~~~~अनिता पाल ~~~~€~~~~~

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