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सुना था जिस उम्र के दौर से मैं अब  गुजर रही हूँ इसमें नींद उड जाया करती हैं ,किसी की प्रेम रोग के चलते तो किसी की ज़िम्मेदारियों के चलते |पर अजूबापन यहाँ भी देखने को मिला | नींद तो बस इर्द गिर्द ही रहती है |दोपहर लंच के बाद मिनी नैप ,जी हाँ वही मिनी नैप जिसके लिये मैने कई लोगो को spiritual सेमिनार अटेंड करते देखा है पर मैंने इसके लिए कभी प्रयास नहीं किया | रात में बिस्तर पर ज़ाते ही एक सेकेन्ड में नींद के आगोश में | किताब लेकर बैठो तो निद्रा रानी दौडी चली  आती है | प्रभु की कृपा है जवानी की उम्र में भी बचपन वाली नींद की दौलत हमारे पास है |
                            जब मैने सुना था कि बडे होने के बाद नींद नहीं आती तो डर के कारण  नींद लाने का मंत्र याद कर लिया था |पर उसकी कभी ज़रूरत नहीं पडी ..|फिर भी सोने से पहले निम्न लिखित दो लाइने अक्सर गुनगुना लेती हूँ |
"मुझे अपने सिरहाने पे थोडी सी जगह दे दो
 मुझे नींद न आने की कोई तो वजह दे दो |"
#अनितापाल

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