"उफ ये सपने !!"

कुछ सपने अपने हो गये
कुछ सपने ,सपने ही रह गये |
कुछ सपने बनकर मुस्कान
होठों पर छा गये ||
कुछ सपने बनकर आँसू
गालों को सहला गये ||
कुछ सपने बनकर उम्मीदे
मीलो सफर करा गये ||
कुछ सपने दिल की बगिया में
हजारों गुल खिला गये |`
कुछ सपने बनकर खुशबू
जीवन को महका गये ||
#Anita Pal Sukhatri

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