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अभी अभी इनबोक्स में एक सज्जन ने पूछ लिया .....
हाईस्कूल से लेकर परास्नातक तक में कितनी बार आपको प्रथम श्रेणी प्राप्त हुई ???
"सफलता का अन्दाजा इस बात से ना लगाये कि आप कहाँ पहुँचे ब्लकि इस बात से लगाये कि आपने चलना कहाँ से शुरू किया था |"
आपके  प्रमाण पत्रों  में  प्रथम श्रेणी मिलने से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण है आपका व्यवहार अव्वल दर्जे का हो |आप अपने संघर्ष को एंजॉय करते हो |सुख दुख में सम रहते है |मैने दौलत और शोहरत वालो को सुसाइड करते देखा है |
सच बताऊँ तो मैने मार्कशीट में मिले अंको की कभी परवाह नहीं की क्योंकि मेरा आत्मविश्वास ,मेरा संघर्ष ,मेरी सहजता और मेरी आत्मीयता  अपनों के दिलो पर राज करने और ज़िंदगी की परीक्षा प्रथम आने के लिए काफी है |(#मियां_मिठ्ठू 😂)

#अनितापाल

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