"चलते चलते /आँखो देखी "

अच्छे खासे तो चल रहे थे दोनो मुझसे आगे |सुषुप्त ज्वालामुखी कब जाग्रत हो विस्फोटित हो गया पता ही नहीं चला | ख्यालो में खोयी सी  मैं यूँ ही  धीरे धीरे  चल रही थी |मुझसे चन्द कदम आगे चल रहे एक विवाहित जोडे में झगडा होने से मेरी तन्द्रा टूटी | बातें कुछ यूँ हुई .......
भसरी पै मार दूँगा .(महिला की तरफ मारने की मुद्रा में हाथ उठाते हुए )..
मार कै देख ..(सीना तान पुरूष की तरफ लपकते हुए )
धक्का दे दूँगी .....!!!!!!!
दे कै देख .......!!!!!(और दे भी दिया  ..बेचारा गाडी के नीचे आते आते बचा )
इतना सुनते पुरूष को बीच रोड पर  धकेल दिया गया .....
वही ले जाकर मारूँगा .....(चन्द कदमो की दुरी पर बने पुलिस स्टेशन की तरफ इशारा करते हुए )
यहां मैने एक बात नोटिस की महिला की कथनी और करनी में बिलकुल अन्तर नहीं था ... .
उपरोक्त वार्ता में हुई तमाम गालियों को मैने लिखने की हिम्मत नहीं की  और उसके  बाद भरी सड़क पर हुई गालियों और मारपीट  को लिखने का साहस मुझमे नहीं है | इतनी गंदी गालियों को सुनकर मैं शरम से पानी पानी हो रही थी  | हाँ चलते चलते एक बार मैने सड़क पर हो रहे महाभारत  के द्रश्य को पीछे मुडकर ज़रूर देखा था |

गालियों और सड़क पर इस द्रश्य को देखकर ये अनुमान तो लगा पा रही थी कि यह कपल  अतिनिम्न स्तर से था और  अगर आप ये सोच रहे है कि high profile या उच्च वर्गीय कपल में झगड़े नहीं होते तो आप गलत है | लिखूँगी किसी दिन high profile कपल की सत्य कथा ज़िसे पढकर आपके सोच बदल ज़ायेगी |झगडो का कारण आपसी समझ का ना होना ,विचारो में तालमेल ना होना ,गलतफहमी होना कुछ भी हो सकता है  लेकिन फिलहाल लेख का रुख मोड देती हूं |

एक सप्ताह में ये दूसरा सीन है पति पतनी के झगड़े का | कहीं इन बढते झगडो का कारण दिन पर दिन बढ़ता तापमान तो नहीं | कही बढ़ती गर्मी इन झगडो का कारण तो नहीं • | हे प्रभु सुन रहे ना आप....धरती नाम के ग्रह की गृहशांति अद्रश्य हो गयी है | गृह स्वामी और स्वामिनी आपस में लड रहे है | कुछ करिये प्रभु जी | हे इंद्र देव आप ही अपनी मेहर बरसा दीजिये ....तापमान 35 कर दीजिये नाथ |
           हे ब्रम्हा विष्णु और महेश ,धरा पर बढा है क्लेश ......क्षीरसागर और कैलाश  की ठंडक से इतर धरती के तापमान की फिक्र कीजिये |इस बार संकट आधी नहीं पुरी शादी शुदा आबादी पर हैं | पति पत्नियों के झगड़े घर की चाहरदीवारी से निकलकर  सड़क पर आ गये हैं | अगर ये ही हाल रहा तो शीघ्र ही सृष्टि का चक्र रुक जायेगा ....फिर किसका पालन और संहार करेंगे आप|हे प्रभु बहुत व्यस्त दिन चर्या से समय निकाल आपको ये यथास्थिति से अवगत करा रही हूं | एक  हफते में हुई दोनो घटनाओ के गवाह ये  समस्त फेसबुकिया परिवार हैं जो मेरी पोस्ट पढ पढ कर अपना टाईम पास करते हैं या टाईम वेस्ट करते हैं ये मुझे भी नहीं पता | पर प्रभु तुरंत action लीजिये| पृथ्वी नाम के इस ग्रह पर कुछ लोग शादी ना होने से परेशां हैं तो शादी शुदा लोग लड लड़कर अपना और पडोसियों का यहां तक समस्त शहर के लोगो का मनोरंजन कर रहे हैं | ये लेख पढकर सिंगल स्टेटस वाले लोग खुश हो रहे होंगे .....लेकिन बेटा बकरे की माँ कब तक खैर मनायेगी और आपकी माँ कब तक खीर पकायेगी | मानसिक रूप से अभी से तैयार करलो खुद को| समझदार वो होता हैं जो दुसरो के अनुभव से सीख ले |😄😃
#प्रवचनसमाप्त
#पतिपत्नी
#Anita Pal Sukhatri

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