दो दिन पहले एक सहकर्मी ने मजाक करते हुए कहा ...अनिता मैम आपको याद है ....???एक बार आप आॅटो का इंतजार कर रही थी ....मैने अपनी कार रोककर ....आपसे बैठने के लिए कहा था .....आपने तपाक से मना कर दिया था ...
..हाँ  सर तो आपने सोचा होगा ये मैडम कितनी खडूस सी हैं ??😂😂
actually सर बात ये थी मुझे कालेज जॉइन किये ..2 दिन ही हुए थे ...मैं आपके बारे में ज्यादा नहीं जानती थी ...एक तरह से आप मेरे लिए अनजान थे .....इसीलये  भरोसा नहीं किया ...
                 बात कई साल पहले की है .....दिल्ली में आये कुछ दिन ही हुए थे ....एक दिन सर ने कहा था .....कल को जॉब करोगी य़ा अफसर बन जाओगी तो  अपने परिवार वालों  के अलावा  किसी पर भी ज्यादा भरोसा मत करना ...चाहे वो तुम्हारा सीनियर हो ,सहकर्मी हो ,चपरासी हो य़ा ड्राइवर हो ......सर की बाते हमेशा याद रहती है |
                          माँ कहती थी किसी अजनबी पर भरोसा मत करना .....पर कैसे बताऊँ माँ कुछ अजनबी ..मेरी ज़िन्दगी का अहम हिस्सा बन गये है ....भैया ,दीदी ,दोस्त और सहेली के रूप में ||
         वैसे इंसानो को पहचानने में गलती करती नहीं हूँ ...दिमाग में लगे सेंसर हमेशा सक्रिय रहते है ....दोस्तो से अक्सर सुनने को  मिलता है ...तुम्हें तो इंटेलीजेंस ब्यूरो में होना चाहिए था ...😂😂

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