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"मेरा मन बंजारा "

पागल पंछी आवारा ,
मेरा मन बंजारा |
रोके ना किसी के रोके से ,
झुके ना मुशकिलों के झोंके से
माने ना किसी के टोके से ||
पागल पंछी आवारा ,
मेरा मन बंजारा |
हवा सा चंचल ,
इसमे नदी सी हलचल
सागर सा है ये गहरा
पागल पंछी आवारा
मेरा मन बंजारा |
समझ ना आये मुझे इसकी नादानी
करता हमेशा ये मनमानी |
रास ना आये  इसे कोई पहरा
पागल पंछी आवारा
मेरा मन बंजारा ||

# Anita Pal Sukhatri
#re

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