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"20 मार्च / गौरैया दिवस "

एे गौरैया है तेरी मेरी कहानी एक जैसी ,
सचमुच मैं भी हूँ तेरे ही जैसी |
कूदती उछलती थी  बचपन मैं भी तेरी ही तरह ,
जैसे करती है तू  चीं -चीं  वैसे ही मैं भी करती थी माँ से जिरह |
एे गौरैया तू फुदकती नहीं मुंडेरो पर आजकल
क्या तू भी मेरी तरह बडी हो  गयी |
रहती है चुप और आजकल दिखती भी नहीं ||
एे गौरैया तेरा वो तिनका तिनका जोड बनाया घर
चहकती थी तू मेरे आंगन में सुबह और दोपहर |
क्या तूने भी तिनको का घर छोड दिया ???
क्यूँ तूने गाँव से मुंह मोड लिया ??

एे गौरैया तेरी मेरी कहानी एक जैसी
सचमुच मैं भी हूँ तेरे ही जैसी |
निराश मत हो मेरी प्यारी चिडियाँ
मुझसे भी ऐसा ही बर्ताव करती है ये दुनियाँ |
अभी कुछ दिन पहले महिला दिवस था मनाया
आज तुझे खुश करने को गौरैया दिवस है आया |
कहते है सब मुझे ......
तू है बाबुल और भैया के अंगना की चिडिया
फिर तुझमे और मुझमे फर्क ही क्या रह गया |
एे गौरैया तेरी मेरी कहानी एक जैसी
सचमुच मैं भी हूँ तेरे ही जैसी ||
~~~~~~~अनिता पाल ~~~~~~
# Anita Pal Sukhatri

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