FB-75
"किताबों का महत्व "
मेरी सच्ची दोस्त किताबें ,मेरी अच्छी दोस्त किताबें
मेरा मन बहलाती है ,
सारे जहां की खुशियाँ मुझको घर बैठे दे जाती है ||
जी हाँ .....ये कुछ पंक्तिया मैने बहुत सालों पहले लिखी थी | और व्यक्तिगत अनुभव ये रहा कि किताबों से अच्छा दोस्त इस दुनियाँ में नहीं हो सकता |पुस्तकालय के शांत वातावरण में बैठकर घंटो किताबों के साथ बिताने से बढकर सुखद अहसास मेरे लिये कुछ भी नहीं |बच्चों से लेकर बूढो तक किताबें सबकी दोस्त हो सकती है |
छोटे बच्चों को मेरी सलाह है कि वे अपनी स्कुली किताबों के अलावा कुछ सफल लोगों की आत्मकथा और जीवनी भी पढे इससे आप उनके द्वारा किये गये संघर्ष को जान सकेंगे और आपको पता चलेगा कि उनके सफलता के पीछे संघर्ष की कहानी है और उनकी ज़िन्दगीं में अभाव आपसे कहीं ज्यादा थे इससे आपको प्रेरणा मिलेगी और आपको अहसास होगा कि आप सही रास्ते पर है अभाव ,मुशकिले ,संघर्ष , असफलता ,मजबूत इरादा सफलता के रास्तो में ज़रुर होते है |
अगर आप बच्चे नहीं है तो आप व्यक्तित्व विकास पर लिखी पुस्तके पढ़ सकते है और उम्रदराज लोग उपन्यास का आनन्द ले सकते है | उपन्यास लिखने में प्रेमचन्द जी का कुछ जवाब नही मुझे तो इश्क हो गया है उनकी लेखन शैली से |
अंत में में आपको पढवाना चाहती हूँ पाब्लो नेरुदा की लिखी कुछ पंक्तिया ....
आप धीरे धीरे मरने लगते है
अगर आप करते नहीं कोई यात्रा
पढते नहीं कोई किताब
सुनते नहीं कोई जीवन की ध्वनियां
आप धीरे धीरे मरने लगते है |
#Anita Pal Sukhatri
"किताबों का महत्व "
मेरी सच्ची दोस्त किताबें ,मेरी अच्छी दोस्त किताबें
मेरा मन बहलाती है ,
सारे जहां की खुशियाँ मुझको घर बैठे दे जाती है ||
जी हाँ .....ये कुछ पंक्तिया मैने बहुत सालों पहले लिखी थी | और व्यक्तिगत अनुभव ये रहा कि किताबों से अच्छा दोस्त इस दुनियाँ में नहीं हो सकता |पुस्तकालय के शांत वातावरण में बैठकर घंटो किताबों के साथ बिताने से बढकर सुखद अहसास मेरे लिये कुछ भी नहीं |बच्चों से लेकर बूढो तक किताबें सबकी दोस्त हो सकती है |
छोटे बच्चों को मेरी सलाह है कि वे अपनी स्कुली किताबों के अलावा कुछ सफल लोगों की आत्मकथा और जीवनी भी पढे इससे आप उनके द्वारा किये गये संघर्ष को जान सकेंगे और आपको पता चलेगा कि उनके सफलता के पीछे संघर्ष की कहानी है और उनकी ज़िन्दगीं में अभाव आपसे कहीं ज्यादा थे इससे आपको प्रेरणा मिलेगी और आपको अहसास होगा कि आप सही रास्ते पर है अभाव ,मुशकिले ,संघर्ष , असफलता ,मजबूत इरादा सफलता के रास्तो में ज़रुर होते है |
अगर आप बच्चे नहीं है तो आप व्यक्तित्व विकास पर लिखी पुस्तके पढ़ सकते है और उम्रदराज लोग उपन्यास का आनन्द ले सकते है | उपन्यास लिखने में प्रेमचन्द जी का कुछ जवाब नही मुझे तो इश्क हो गया है उनकी लेखन शैली से |
अंत में में आपको पढवाना चाहती हूँ पाब्लो नेरुदा की लिखी कुछ पंक्तिया ....
आप धीरे धीरे मरने लगते है
अगर आप करते नहीं कोई यात्रा
पढते नहीं कोई किताब
सुनते नहीं कोई जीवन की ध्वनियां
आप धीरे धीरे मरने लगते है |
#Anita Pal Sukhatri
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