अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस पर विशेष ....

 आधुनिक नारी ,
सब पर भारी |
उत्साह की है ये अदभुत चिंगारी |
कोमल है कमजोर नहीं ,
इतनी भी कच्ची डोर नहीं |
घरेलू होने के साथ साथ है कामकाजी
रिशते नातो को निभाकर रखती है सबको राजी |
जीतने की ज़िद है इरादे है बुलंद ,
चाहती है आसमां में उडना स्वछन्द |
कभी होती थी अबला और बेचारी ,
लेकिन सशक्त है आधुनिक नारी |
~~~~~अनिता पाल ~~~~~~
#Anita Pal Sukhatri
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