मेरी रग रग को परखने वाले ,
गिरेबान में अपने झांक ले |
बुराईयों का पुतला अगर मैं हूँ ,
तो कमियों का तू भी भंडार है |
स्वीकारती हूँ मैं तुमको ,
तू भी मुझको स्वीकार ले |
छोटी सी जिन्दगी है
प्यार में गुजार ले ||
मेरी रग रग को परखने वाले
गिरेबान में अपने झांक ले ||
~`~~~~अनिता पाल ~~~`~
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