FB-19
"कुछ जिन्दगी ऐसी भी "
ठंड से बचने के लिये अच्छे से पैक हो घर से निकली ,कुछ दूर चलने पर पीछे से इन नन्ही सी प्यारी सी बच्चियों को चप्पल पहने देख हाथ जैकेट से बाहर निकाले और महसूस किया कि ठंड इतनी भी नहीं हैं ......
बच्चियों से ......अरे आप लोग सुबह सुबह???? ....बहुत प्यारी प्यारी हो तुम तो .....क्या नाम है तुम्हारा ??? जवाब मिला नेहा ....अरे वाह नेहा तो मेरी सहेली का भी नाम है ....तुम्हारी जैकेट तो मेरी जैकेट जैसी है (प्रपल कलर की जैकेट वाली लड़की से ) मेरे इतना कहने से वो थोड़ा शरमा गयी |
चलो आपकी एक फोटो खिचती हूँ .....मेरे इतना कहते ही ....
उन सब ने अपना झोला नीचे रख दिया .....और दुपट्टा सही करने लगी ....इस समय उनके चेहरे की मुस्कान और खुशी देखने लायक थी ...अरे नहीं झोले के साथ में ही फोटो लेते है ....मेरे कहते ही उन्होने फिर झोला उठा लिया .......
मैं .....दूसरी लड़की से ....बेटा आपका नाम क्या है ....गुलिस्ता उसने शरमाते हुए हंसकर कहा ....बाकी 2 लड़कियां नाम पूछने पर बहुत शरमा गयी और नीची नजर कर बस हंस दी ...
बेटा आप स्कूल नहीं जाते????
जाते है उनमें से एक बोली ......कब ??? रात में
रात मे कहां ????
हमारे पडोस में एक दीदी पढाती है .....
दीदी स्कूल जाती है ???
नहीं .....पहले जाती थी ....|||
े चन्द मिनटों के इस वार्तालाप ने मैने बहुत कुछ सीखा और महसुस भी किया ....हम यूँ ही शिकायत करते हैं अपनी ज़िन्दगीं से ......कुछ ज़िन्दगियां ऐसी भी है इस जहां में ....इन मासूम से चेहरों की मुस्कुराहट बता रही है ....इन्हे कितनी शिकायत है जिन्दगी से और दुसरों से .......मौसम से .....या किसी और से .....
A.P
"कुछ जिन्दगी ऐसी भी "
ठंड से बचने के लिये अच्छे से पैक हो घर से निकली ,कुछ दूर चलने पर पीछे से इन नन्ही सी प्यारी सी बच्चियों को चप्पल पहने देख हाथ जैकेट से बाहर निकाले और महसूस किया कि ठंड इतनी भी नहीं हैं ......
बच्चियों से ......अरे आप लोग सुबह सुबह???? ....बहुत प्यारी प्यारी हो तुम तो .....क्या नाम है तुम्हारा ??? जवाब मिला नेहा ....अरे वाह नेहा तो मेरी सहेली का भी नाम है ....तुम्हारी जैकेट तो मेरी जैकेट जैसी है (प्रपल कलर की जैकेट वाली लड़की से ) मेरे इतना कहने से वो थोड़ा शरमा गयी |
चलो आपकी एक फोटो खिचती हूँ .....मेरे इतना कहते ही ....
उन सब ने अपना झोला नीचे रख दिया .....और दुपट्टा सही करने लगी ....इस समय उनके चेहरे की मुस्कान और खुशी देखने लायक थी ...अरे नहीं झोले के साथ में ही फोटो लेते है ....मेरे कहते ही उन्होने फिर झोला उठा लिया .......
मैं .....दूसरी लड़की से ....बेटा आपका नाम क्या है ....गुलिस्ता उसने शरमाते हुए हंसकर कहा ....बाकी 2 लड़कियां नाम पूछने पर बहुत शरमा गयी और नीची नजर कर बस हंस दी ...
बेटा आप स्कूल नहीं जाते????
जाते है उनमें से एक बोली ......कब ??? रात में
रात मे कहां ????
हमारे पडोस में एक दीदी पढाती है .....
दीदी स्कूल जाती है ???
नहीं .....पहले जाती थी ....|||
े चन्द मिनटों के इस वार्तालाप ने मैने बहुत कुछ सीखा और महसुस भी किया ....हम यूँ ही शिकायत करते हैं अपनी ज़िन्दगीं से ......कुछ ज़िन्दगियां ऐसी भी है इस जहां में ....इन मासूम से चेहरों की मुस्कुराहट बता रही है ....इन्हे कितनी शिकायत है जिन्दगी से और दुसरों से .......मौसम से .....या किसी और से .....
A.P
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें