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मेरी डायरी
दुनियां कहे मैं दुरंगी पल में पलटी जाऊँ
सुख में जो सोये रहे उनको दुखी बनाऊं |
जी हाँ ,सुख में सब साथी होते हैं .....लेकिन क्या करें उन दिनों में जब आप अकेले हो ,कनफयूज़ हो ,कुछ समझ नहीं आ रहा हो ,आगे बढने का कोई रास्ता नहीं नज़र आ रहा हो ,रोने का मन हो और आप रो भी नहीं पा रहे हो ....इस समय आपकी दोस्त बन सकती हैं ....आपकी डायरी ...
ऐसे समय में आप एक काम करिये ......अपनी डायरी उठाईये ....जो भी आपके दिल और दिमाग में चल रहा हैं जो भी आपकी मानसिक स्थिति हैं उसको हुबहु डायरी से साझा कर डालिये ....इसके दो लाभ होंगे ....
(1) तात्कालिक लाभ .......आपका मन हल्का हो जायेगा और कुछ देर पहले तक जो आपका दिमाग काम नहीं कर रहा था .....उसके पास एक से बढकर एक विचार होंगे जो आपको आगे बढने का मार्ग दिखायेंगे |
(2)दीर्घकालिक लाभ ----- भविष्य में जब भी आप अपनी इस डायरी को पढेंगे तो खुद पर गर्व करेंगे ,और शायद आपको यकीन भी न हो की ये आपकी डायरी हैं ....आपको लगेगा की आप कोई फिक्शन पढ़ रहे हैं |
( ये मेरे अपने विचार और अनुभव हैं .....किसी पर थोपने का प्रयास नहीं ....अनिता पाल )
मेरी डायरी
दुनियां कहे मैं दुरंगी पल में पलटी जाऊँ
सुख में जो सोये रहे उनको दुखी बनाऊं |
जी हाँ ,सुख में सब साथी होते हैं .....लेकिन क्या करें उन दिनों में जब आप अकेले हो ,कनफयूज़ हो ,कुछ समझ नहीं आ रहा हो ,आगे बढने का कोई रास्ता नहीं नज़र आ रहा हो ,रोने का मन हो और आप रो भी नहीं पा रहे हो ....इस समय आपकी दोस्त बन सकती हैं ....आपकी डायरी ...
ऐसे समय में आप एक काम करिये ......अपनी डायरी उठाईये ....जो भी आपके दिल और दिमाग में चल रहा हैं जो भी आपकी मानसिक स्थिति हैं उसको हुबहु डायरी से साझा कर डालिये ....इसके दो लाभ होंगे ....
(1) तात्कालिक लाभ .......आपका मन हल्का हो जायेगा और कुछ देर पहले तक जो आपका दिमाग काम नहीं कर रहा था .....उसके पास एक से बढकर एक विचार होंगे जो आपको आगे बढने का मार्ग दिखायेंगे |
(2)दीर्घकालिक लाभ ----- भविष्य में जब भी आप अपनी इस डायरी को पढेंगे तो खुद पर गर्व करेंगे ,और शायद आपको यकीन भी न हो की ये आपकी डायरी हैं ....आपको लगेगा की आप कोई फिक्शन पढ़ रहे हैं |
( ये मेरे अपने विचार और अनुभव हैं .....किसी पर थोपने का प्रयास नहीं ....अनिता पाल )
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