आप दैनिक ,साप्ताहिक य़ा मासिक समय सारणी बनाते है | उतना कार्य जो आपने सप्ताह में करने के लिए निर्णय लिया था उतना नहीं कर पाते | छानबीन करने पर पता चले कि उस कार्य को समय से पूरा ना कर पाने की वजह सिर्फ आपकी लापरवाही है |तो स्वयं पर खीझ होना स्वाभविक है| अक्सर यह खीज फेस बुक और व्हाटसप जैसे समय खपाऊ साधनों पर उतरती है इनको अनस्टाल और निष्क्रिय करके मन को समझाने का प्रयास किया जाता है |
आप अपने समय को लेकर सचेत है ,समय के मूल्य को भलीभांति जानते है ये खीज इस बात का संकेत है अर्थात ये शुभ लक्षण है घबराने की /निराश होने की ज़रुरत नहीं थोड़ा हिम्मत से काम ले इस खीज को जूनून में बदलने की ज़रुरत है आपका काम आसान हो जायेगा |
सचमुच ज़िन्दगी बहुत अनुशासित और पाबन्द होती है गया समय लौटकर नहीं आता है .....ज़िन्दगी की किताब का एक एक पन्ना आपकी आँखो के सामने खुलेगा ....कुछ ऐसा करो कि उनको पढना सुखद हो आपके लिए भी और औरो के लिए भी |कुछ ऐसा करो कि आपका संघर्ष दूसरो को प्रेरित कर सके तभी आपके जीवन के कुछ मायने है .......इस धरती पर आकर गुमनाम ज़िन्दगी जीना और चले जाना कोई उद्देश्य नहीं है |धरती पर किसी का भी आना कोई संयोग नहीं होता कोई ना कोई उद्देश्य जरूर होता है |
आपा धापी और व्यस्त दिनचर्या के कारण हम अपने जीवन का उद्देश्य ही नहीं समझ पाते |हमारे पास सबके लिए समय है बस अपने लिए नहीं |इस दुनियां में आकर अगर खुद को नहीं जाना तो क्या जाना ???डिसकवर कीजिये खुद को ......खुद से करिये बातें | खुद से बतियाना थोड़ा पागलपन सा लगता ,खुद से ही सवाल खुद ही जवाब !!! पर करके देखिये अच्छा लगेगा ......जिस खुशी को आप बाहर ढूंढ़ते उसका स्रोत आपके अन्दर है |
नोट ....... ये मेरे अपने विचार है सब सहमत हो ज़रूरी नहीं
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