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क्या भूलूँ ,क्या याद करूँ
किस किस से फरियाद करूँ ||
झुक गयी है पाप के बोझ से धरती ,
सोचती हूँ ......!
बनके दुर्गा दुष्टों का संहार करूँ ||
कब तक सहेंगे यूँ जुल्मों को ,
अब तो बस प्रहार करूँ |
क्या भूलूँ ,क्या याद करूँ ||
#अनितापाल

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