"यादें अपनों की"

जब से गयी हो जिन्दगी की बगिया से ......
दिल के आंगन में सुबह सुहानी नहीं होती
होती है दुख की दुपहरी ,
या गमों की काली रात होती है |
इसके अलावा अगर कुछ होता है ,
तो हमारे नयनों से बरसात होती है ||
#मिस_यू_सो_मच 

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

बेटियां

मैं नारी हूं