जब से गयी हो जिन्दगी की बगिया से ......
दिल के आंगन में सुबह सुहानी नहीं होती
होती है दुख की दुपहरी ,
या गमों की काली रात होती है |
इसके अलावा अगर कुछ होता है ,
तो हमारे नयनों से बरसात होती है ||
#मिस_यू_सो_मच
"बेटियाँ" खरपतवार सी होती हैं बेटियाँ , जहां तहां यहां वहाँ उग आती हैं खाद पानी बेटों में और लहराती हैं बेटियाँ| ज्यों ही ज़माती हैं ज़ड़े उखाड दूसरी जगह रोप दी जाती हैं बेटियाँ नयी मिट्टी में अनुकुलन कर , एक बार फिर ज़ड़े मजबूत कर लेती हैं बेटियाँ || सबके मन को शीतलता और प्यार की छाया देती हैं बेटियाँ | उम्र बढने के साथ ही देखभाल के अभाव में सूख जाती हैं बेटियाँ और अंततःकाल के झोके से भरभराकर गिर जाती हैं बेटियाँ #अनिता पाल
"मैं नारी हूँ " चप रहूँ तो घमंडी हूँ . बहुत बोलूँ तो तेज तर्रार हूँ | ना कह दूँ तो अक्खड हूँ , इगनोर करूँ तो भोली हूँ | ज़माने ने कुछ यूँ ही तोली हूँ | क्यूँकि मैं एक लड़की हूँ || जानती हूँ मैं अपनी मर्यादा , ना सिखाओ तुम मुझे ज्यादा | माना कि मैं कोमल हूँ , लेकिन कमजोर नहीं | इतनी भी कच्ची डोर नहीं , मुझे गर्व हैं खुद पर कि मैं नारी हूँ , अपने अधिकारो की अधिकारी हूँ|| #अनिता पाल
ज़मीन से जुडी हूँ ,इंसानो की कद्र जानती हूँ अच्छे -बुरे को भलीभांति पहचानती हूँ | यूँ तो भोली सी सुरत है मेरी पर गलत को सबक सीखाना भी जानती हूँ | ज़िन्दगी में सहे है बहुत रंजोगम पर मुशकिलों को पार करना भी जानती हूँ | आँखो में झिलमिलाते ख्वाबों को हकीकत में बदलना जानती हूँ || अच्छी हूँ बस अच्छों के लिए बुरों को उनकी औकात दिखाना जानती हूँ | यूँ तो रहती है नजरों में हया , पर वक्त आने पर आंखे दिखाना जानती हूँ || मुस्कराती हूँ हर गम को छुपाकर इस ज़िन्दगी की कीमत पहचानती हूँ || #AP
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