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बेटी बचाओ,बेटी पढाओँ
स्नातक की दो छात्रायें ---मे आई कम इन मैम ???
मैं ----; हाँ बेटा अन्दर आ जाइये |
मेरे इतना कहने के बाद भी दोनों छात्राये थोड़ा झिझकी |
मैं समझ गयी कुछ व्यक्तिगत समस्या है | अपने सहकर्मी से हो रही बातों को रोककर मैं स्टाफ रुम से बाहर आ गयी |
हाँ बेटा ......क्या बात है ??
मैम आपसे एक फेवर चाहिए ???
हाँ हाँ क्या बात है खुलकर कहिये .....मैने उनको आश्वस्त करते हुए कहा |
मैम मैं रोज़ कॉलिज आना चाहती हूँ .....लेकिन मेरे भाई को लगता है कि कालेज में पढाई नहीं होती |आप एक बार भईया को फोन कर देंगी |
हाँ हाँ .......आप भाई का नम्बर दे दीजिए मैं बात कर लेती हूँ |
मैने लडकी के भाई को फोन किया ....और बताया की मैं कालेज से बात कर रही हूँ .....और छात्रा को नियमित कालेज भेजने का आग्रह किया | भाई की बातों में मजबूरी ,बेबसी और ज़माने का ड़र की झलक मिली |
मैम आपको तो पता ही है ज़माना कितना खराब है ???
मैं इसको खुद छोडने और लेने जाता हूँ | इसीलिये ये कभी कभी ही कालेज आती है |काफी देर बातचीत के बाद वो बोले मैम दो तरीके है कि ....
एक तो ये कि य़े खुद कालेज आ जाये दुसरा ये कि मैं इसको रोज़ छोडने और लेने जाऊँ |
देख लीजिये जैसे भी आपको ठीक लगे ....अभी कुछ दिन इनकी स्पेशल क्लास है .....तब तक मैनेज कर लीजिये मैने कहा |
ओके मैम ...मैं कोशिश करता हूँ ....थैंक यू मैम .कहकर फोन रख दिया |
अगले दिन वो छात्रा नहीं आयी .....उसकी सहेली से पता किया ....उसने मुझे बताया ....
मैम अनु(परवर्तित नाम ) के माता पिता नहीं है |इसके पैदा होते ही इसकी माँ चल बसी थी और 10 साल पहले कैंसर से इसके पापा भी मर गए |इसके 3 भाई है 2 भाभी है | ज़िनसे आपकी बात हुई थी वे सबसे बड़े है घर में उनकी ही चलती है ....वो ही अनु को कालेज छोडने और लेने आते है | अनु की शादी भी जल्दी ही हो जायेगी |
बहुत सारे प्रश्न मेरे मन में ऊमड घुमड रहे है .....
एक भाई जिसने पहले दिन से बहन को पाला पोसा उसका पजेसिव और ओवर प्रोटेक्टिव होना भी अपनी जगह सही है |
एक लडकी जो पढना चाहती है वो सिर्फ इसीलिये नहीं पढ़ पाती की वो लडकी है ?
एक लडकी जो अपने अरमानो को मरते हुए देखती है ,घुट घुट कर जीती है ......
जब वो अपने माँ बाप के बारे में सोचती होगी ....दहाड मार मार कर रोती होगी |!
एक लडकी इसीलिये कहीं अकेले आ जा नहीं पाती कि वो खूबसुरत है ....और उसे भाई/पिता या पति पर निर्भर रहना पड़ता है |
"ना बेटी बचाना आसान है
ना बेटी पढाना आसान है
और ना बेटी होना आसान है ||"
~~~~अनिता पाल ~~~~
बेटी बचाओ,बेटी पढाओँ
स्नातक की दो छात्रायें ---मे आई कम इन मैम ???
मैं ----; हाँ बेटा अन्दर आ जाइये |
मेरे इतना कहने के बाद भी दोनों छात्राये थोड़ा झिझकी |
मैं समझ गयी कुछ व्यक्तिगत समस्या है | अपने सहकर्मी से हो रही बातों को रोककर मैं स्टाफ रुम से बाहर आ गयी |
हाँ बेटा ......क्या बात है ??
मैम आपसे एक फेवर चाहिए ???
हाँ हाँ क्या बात है खुलकर कहिये .....मैने उनको आश्वस्त करते हुए कहा |
मैम मैं रोज़ कॉलिज आना चाहती हूँ .....लेकिन मेरे भाई को लगता है कि कालेज में पढाई नहीं होती |आप एक बार भईया को फोन कर देंगी |
हाँ हाँ .......आप भाई का नम्बर दे दीजिए मैं बात कर लेती हूँ |
मैने लडकी के भाई को फोन किया ....और बताया की मैं कालेज से बात कर रही हूँ .....और छात्रा को नियमित कालेज भेजने का आग्रह किया | भाई की बातों में मजबूरी ,बेबसी और ज़माने का ड़र की झलक मिली |
मैम आपको तो पता ही है ज़माना कितना खराब है ???
मैं इसको खुद छोडने और लेने जाता हूँ | इसीलिये ये कभी कभी ही कालेज आती है |काफी देर बातचीत के बाद वो बोले मैम दो तरीके है कि ....
एक तो ये कि य़े खुद कालेज आ जाये दुसरा ये कि मैं इसको रोज़ छोडने और लेने जाऊँ |
देख लीजिये जैसे भी आपको ठीक लगे ....अभी कुछ दिन इनकी स्पेशल क्लास है .....तब तक मैनेज कर लीजिये मैने कहा |
ओके मैम ...मैं कोशिश करता हूँ ....थैंक यू मैम .कहकर फोन रख दिया |
अगले दिन वो छात्रा नहीं आयी .....उसकी सहेली से पता किया ....उसने मुझे बताया ....
मैम अनु(परवर्तित नाम ) के माता पिता नहीं है |इसके पैदा होते ही इसकी माँ चल बसी थी और 10 साल पहले कैंसर से इसके पापा भी मर गए |इसके 3 भाई है 2 भाभी है | ज़िनसे आपकी बात हुई थी वे सबसे बड़े है घर में उनकी ही चलती है ....वो ही अनु को कालेज छोडने और लेने आते है | अनु की शादी भी जल्दी ही हो जायेगी |
बहुत सारे प्रश्न मेरे मन में ऊमड घुमड रहे है .....
एक भाई जिसने पहले दिन से बहन को पाला पोसा उसका पजेसिव और ओवर प्रोटेक्टिव होना भी अपनी जगह सही है |
एक लडकी जो पढना चाहती है वो सिर्फ इसीलिये नहीं पढ़ पाती की वो लडकी है ?
एक लडकी जो अपने अरमानो को मरते हुए देखती है ,घुट घुट कर जीती है ......
जब वो अपने माँ बाप के बारे में सोचती होगी ....दहाड मार मार कर रोती होगी |!
एक लडकी इसीलिये कहीं अकेले आ जा नहीं पाती कि वो खूबसुरत है ....और उसे भाई/पिता या पति पर निर्भर रहना पड़ता है |
"ना बेटी बचाना आसान है
ना बेटी पढाना आसान है
और ना बेटी होना आसान है ||"
~~~~अनिता पाल ~~~~
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