तुम रूठो हजार बार ,
मैं मनाऊँ तुमको  बार बार ..
गर मैं रूठ जाऊँ एक बार |
तुम कनखियों से मुस्करा देना
रूठ जाऊँ अगर हर सुबह
हर शाम तुम मना लेना ..|
रूठने मनाने की मिठास
बना देगी ज़िंदगी को खास |
#अनितापाल 

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