''हर असफलता के पीछे सफलता की कहानी होती है ,
जो होते है मंजिल के दीवाने मंजिल भी उनकी दीवानी होती है
वैसे तो मंजिलों की राहें अनजानी होती है
लेकिन दीवानों के लिए हर ठोकर मस्तानी होती है । '
#Anita Pal Sukhatri
"बेटियाँ" खरपतवार सी होती हैं बेटियाँ , जहां तहां यहां वहाँ उग आती हैं खाद पानी बेटों में और लहराती हैं बेटियाँ| ज्यों ही ज़माती हैं ज़ड़े उखाड दूसरी जगह रोप दी जाती हैं बेटियाँ नयी मिट्टी में अनुकुलन कर , एक बार फिर ज़ड़े मजबूत कर लेती हैं बेटियाँ || सबके मन को शीतलता और प्यार की छाया देती हैं बेटियाँ | उम्र बढने के साथ ही देखभाल के अभाव में सूख जाती हैं बेटियाँ और अंततःकाल के झोके से भरभराकर गिर जाती हैं बेटियाँ #अनिता पाल
ज़मीन से जुडी हूँ ,इंसानो की कद्र जानती हूँ अच्छे -बुरे को भलीभांति पहचानती हूँ | यूँ तो भोली सी सुरत है मेरी पर गलत को सबक सीखाना भी जानती हूँ | ज़िन्दगी में सहे है बहुत रंजोगम पर मुशकिलों को पार करना भी जानती हूँ | आँखो में झिलमिलाते ख्वाबों को हकीकत में बदलना जानती हूँ || अच्छी हूँ बस अच्छों के लिए बुरों को उनकी औकात दिखाना जानती हूँ | यूँ तो रहती है नजरों में हया , पर वक्त आने पर आंखे दिखाना जानती हूँ || मुस्कराती हूँ हर गम को छुपाकर इस ज़िन्दगी की कीमत पहचानती हूँ || #AP
दया धर्म की मूरत थी वह ,दुखियों की भगवान थी पिता माणकोजी शिन्दें ,माता सुशीला की गोद में खेली थी ! पाँच भाईयों की वह बहन अलबेली थी !! श्वसुर मल्हार राव होलकर की वह सेविका थी , खण्डेराव होलकर की वह पतिव्रता नारी थी !! मालेराव और मुक्ताबाई की वह ममतामयी माता थी , थे हजारों रूप उसके ,वह जन जन को भायी थी पतित पावन वह पूजनीय अहिल्याबाई थी !! हुई अवतरित जब धरा पर ,सारा कुटुम्ब मुस्काया था उसके अलौकिक तेज से भानू भी शर्माया था !! थी नहीं साधारण नारी ,वह देवी का अवतार थी , दरिद्र जनों के दुख दूर करती ,दुर्गा के समान थी शिवलिंग की पूजा करती सती के समान थी !! विद्वानों को तो वह साक्षात सरस्वती लगती थी मंत्रियों में वह स्वयं मंत्र बन जाती थी , शत्रुओं के समक्ष वह काली का रूप धर लेती थी !! देखकर दुखी जनों को ,वह माँ संतोषी बन जाती थी , सीता समान चरित्रवान और पतिव्रता नारी थी और क्या क्या कहुं उसे ,वह अदभुत चिंगारी थी!! सप्तपुरी ,चार धाम और बारह ज्योर्तिलिंगो को चमकाया था , भारत भर में उसने मन्दिर ,धर्मशाला और घाटों का निर्माण करवाया था , राम राज्य बना...
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