"ये है मेरा इंडिया"
मेरा भारत यूँ ही महान नहीं है  |इसकी कुछ विशेषतायें है जो इसे दुनियां में सबसे न्यारा और प्यारा बनाती है |प्रमुख विशेषताओं में से एक है यहां के लोगो का भोलापन |  कसमों और रस्मों में तो भारत के लोग अव्लल होते है •| बहुत सारे जटिल काम तो कसमों  से कर लेते है भारत वाले |
                                 हमारे बचपन में सबसे मुशकिल काम होता था स्कूल बैग में होने वाली चोरी को रोकना |उसका जो तोड हम बच्चो ने निकाला उसका कोई तोड नहीं था| बस हम करते इतना थे बैग पर थोडी मिट्टी डाली ,टांग घुमायी ,मंत्र कुछ यूँ फूँका ...."जो म्हारे बैग में चोरी करे .....आज रात के बारे बजे उसकी माँ मरे "| कसम से .....बैग सब कुछ सही सलामत रहता ,भले ही बैग दिन भर लावारिस अवस्था में ही क्यूँ ना रहे |
बैग पर मिट्टी और घासफूस देखकर सामने वाला समझ जाता था की इस पर कसम चढी है | एक छोटे बच्चे को भला अपनी माँ से प्यारा कौन होगा ,डर के मारे बच्चे , कसम से दूर ही रहते ....😄
                             कसमें और रस्मे भारत के हवा पानी में घुली है |किसी के राज बताने और छूपाने में कसमें कुछ यूँ काम करती है | " तुम्हे फलाने (किसी प्रियवर की ) की कसम अगर तुमने ये बात मुझे नहीं बतायी |"
                              भारत में भिखारी भी कसमों का सहारा लेते मिल ज़ायेंगे |एक बार एक 8-9 साल की बच्ची भीख मांगते हुए मेरी सहेली के पैर पकड कर बोली .....पैसे दे दो ....आपको आपके प्यार की कसम ......उसको अपने  पैरो में देखकर मेरी सहेली असहज हो गयी और झुंझलाते हुए बोली तुम ले लो उस प्यार को मुझे नी चाहिये ....😄😃...मैने प्यार से बच्ची के गाल थपथपाते हुए कहा....बेटा माँ की कसम दिया करो ....लोग जल्दी पैसे देंगे ....मेरे इतना कहते ही बच्ची तुरंत बोली ...."कोई कुछ भी नहीं देगा "|उसका उत्तर सुन मैं हैरान थी .....मेरी सहेली बोली ये बच्चे trained होते है ....इनको सिखाया जाता है कहां और कैसे भीख मांगनी है .. .
                            सिर्फ कसम ही नहीं भारत में और भी बहुत से अजीबो गरीब मान्यताएें मिल जायेगी .....कहीं भी होने वाली ड़ांट या पिटाई से बचने के लिये भारतीय ज़ेब या झोले में दूब रखे हुए मिल ज़ायेंगे |😂😂
                       किसी गोपनीय बात को सार्वजनिक करने का तरीका भी भारत वालों का अनोखा है | एक व्यक्ति किसी गुप्त बात को दुसरे व्यक्ति को बताते हुए कहता है ...."मैं  यह बात सिर्फ तुमको बता रहा हूँ किसी को मत बताना ...." |फिर वही दूसरा व्यक्ति किसी और को बताकर कहता है ...."किसी को मत बताना "और इस प्रकार बात अन्दर ही अन्दर सबको पता चल जाती है और सब इस भ्रम में रहते है कि ये बात " हम दो "लोगो  के अलावा किसी को नही पता | बात गुप्त होकर भी सार्वजनिक हो जाती है और सार्वजनिक  होकर भी गुप्त रहती है | ऐसा कारनामा  इन्डिया वाले ही कर सकते है |

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