"रिश्तों  की सौदेबाजी "
----------+--------------सीन एक --------+---------
एक अफसर  दूसरे अफसर से ......भाई शादी नही कर रहे हो क्या ? हां करेंगे अच्छी लडकी नहीं मिल रही है || भैया लड़की तो हम बता देंगे  मेरी बहन की ननद है |
दूसरा  अफसर ....लडकी कैसी है ?
पहला  अफसर .......लडकी इतनी सुन्दर है कि कोई रिजेक्ट नहीं कर सकता |उनको अफसर लडका चाहिये |
दूसरा अफसर ......तो तुम क्यूँ नहीं कर लेते इतनी सुन्दर लडकी से शादी तुम भी तो अफसर हो???? अरे नहीं मैं ऐसा नहीं जैसा उनको चाहिये |
पहला अफसर ......बजट कितना है उनकी फैमिली का ??? पापा और भैया सरकारी नौकर है लडकी के  और अकेली  लडकी है |
दूसरा अफसर ....बस ऐसा करा देना जैसा मेरे दोस्त को मिला | मेरा दोस्त तो अच्छा खासा वसुले है  अपने ससुर जी से |
दूसरा अफसर ......फिर भी कुछ आईडिया??
पहला अफसर ...बस कैश और गाडी थोड़ा ठीक ठीक करा देना |

~~~~~~~~~~~सीन दो ~~~~~~~~~
एक उच्च शिक्षित महिला दूसरी से ..................
पहली------ अरे यार कहीं रिश्ता हुआ कि नहीं ???? नहीं यार एक लडका पसंद आया था बहुत स्मार्ट था  जोब भी अच्छी थी पर.........उनकी  डिमांड बहुत ज्यादा है हमारा इतना बजट नहीं है ||
दूसरी लड़की -------कितनी डिमांड है ???अगर लडका अच्छा होगा तो मेरे पापा तो 50लाख तक कैश दे देंगे | अरे एक बार शादी हो जायें तो बहुत आसान है दहेज का पैसा वसुलना |
पहली लड़की -----वो कैसे ????
पहली लडकी ------इंगेजमेंट होते ही.....आईफोन की डिमांड से शुरुआत करो ......फिर डायमंड रिंग.....उसके बाद jewellery ,शॉपिंग आदि आदि  ,और फिर हनीमून तक  दहेज का  आधे से अधिक वसूल कर लो ........बाकि तो रहेगा ही पूरी ज़िंदगी मेरा गुलाम ||

रिश्तों की हो रही सौदेबाजी में स्वार्थ के भाव बढ़ रहे है | दिलो से निकलने वाले प्यार के सोते सूख रहे है  |प्रेम की नदी यमुना के समान प्रदूषित हो चुकी है |साथ जन्मो के बंधन में खूब खीचतान हो रही है |सब मृग मरीचिका की तलाश में भटक रहे है |


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