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"सौंदर्य बोध "
आज रास्ते में दो युवक आपस में बाते करते हुए मुझसे आगे चल रहे थे ....
उनमें से एक ----- अरे यार देख ना ??? बाल इधर से भी झड गये और इधर से भी |(अपने सिर को इधर उधर करते हुए)| लड़की वाले देखने आयेंगे तो क्या देखेंगे ?????
उस नवयुवक की चिन्ता जायज थी | मैने अपनी माँ को अक्सर कहते हुए सुना ......."काम देखना चाहिये ,चाम (शरीर ) नहीं |" लेकिन माँ की ये बाते आज बेमानी सी लगती हैं | सौंदर्य बोध आज के समय में बहुत ज़रूरी हो गया हैं ,इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप महिला हैं या पुरूष |
अगर आप पुरूष हैं तो स्मार्ट लिस्ट में रहने के लिये बहुत ज़रूरी हैं कि आपकी लम्बाई और चौडाई संतुलित हो| पेट बाहर तो बिलकुल भी नहीं निकला हो| इससे भी ज़रूरी हैं कि आपके सिर के बाल सही सलामत हो | सिर के बालों का कम होना या सफेद होना आपको स्मार्ट लिस्ट से बाहर कर सकता हैं |
अगर आप महिला हैं और ठीक ठाक नौकरी पेशा वाले लड़के से शादी करना चाहती हैं तो बहुत ज़रूरी हैं आप हूर की परी हो| आजकल सरकारी नौकरी वालो में" हूर की परी " की बहुत मांग हैं | "हूर की परी " शब्द को परिभाषित करना बहुत मुशकिल हैं | फिर भी कुछ विशेषताओं द्वारा इसको पहचाना जा सकता हैं | जैसे गोरा रंग , अच्छे नैन नक्श ,सुन्दर ,सुशील ,कामकाजी ,गृह कार्य दक्ष आदि आदि |
सुन्दरता की सूची में बने रहने में महिलाओं के लिये ज़रूरी हैं कि रंग गोरा ही हो|
हे प्रभु ज़रा इधर भी गौर फरमा लीजिये |आपके द्वारा रचित पृथ्वी नाम के गृह पर लोग "सौंदर्य बोध " नाम की बीमारी से ग्रसित हैं | महिलाओं के सौंदर्य का प्रतीक माने जाने वाले लम्बे बालों पर भी संकट के बादल छाये हैं | हर रोज उनकी चोटी कटने की गवाही देश भर के अखबार दे रहे हैं | हे प्रभुआपको अवगत कराना चाहती हूँ कि ज़िन ज़िन महिलाओं को आपने छोटी नाक ,बडी आँखे ,छोटा कद,सांवला रंग ,अधिक मोटा या अधिक पतला शरीर बक्शा हैं उनके आजन्म अविवाहित रहने के आसार हो गये हैं | सौंदर्य बोध से ग्रसित आधुनिक नवयुवक उनको स्वीकार नहीं कर रहे हैं और वे " मृगकस्तुरी " के समान हूर की परी की खोज कर रहे हैं | हे प्रभु कुछ "हूर की परी " धरती पर भेज दीजिये .....नहीं तो ये सृष्टि का चक्र हमेशा के लिये भी रुक सकता हैं |
अंत में प्रभु आपको बताना चाहती हूँ कि संतुलन दोनों ही तरफ नहीं हैं | सिर के बालों से विहीन वर को नकारने में आधुनिकता से ओतप्रोत महिलायें किंचित भी झिझक नहीं रही हैं | हे प्रभु आपसे करबद्ध निवेदन हैं कि पुरूष नाम के प्राणी की रचना करते हुएसुनिश्चित कर ले उसके सिर के बालों को बनाने में सबसे अच्छा और टिकाउ मैटिरियल यूज करे | हे प्रभु अब आपसे अनुमति चाहती हूँ अज्ञातवास में वापसी की | समय समय पर आपको पृथ्वीलोक की समस्याओं से अवगत कराती रहूँगी |
(शुक्रिया प्रभु मैं सौंदर्य बोध से ग्रसित नहीं हूँ ...इसका एकमात्र कारण बचपन में मेरी माँ की दी गयी सीख ....."काम देखना चाहिये ,चाम नहीं "हैं |)
#अनितापाल
"सौंदर्य बोध "
आज रास्ते में दो युवक आपस में बाते करते हुए मुझसे आगे चल रहे थे ....
उनमें से एक ----- अरे यार देख ना ??? बाल इधर से भी झड गये और इधर से भी |(अपने सिर को इधर उधर करते हुए)| लड़की वाले देखने आयेंगे तो क्या देखेंगे ?????
उस नवयुवक की चिन्ता जायज थी | मैने अपनी माँ को अक्सर कहते हुए सुना ......."काम देखना चाहिये ,चाम (शरीर ) नहीं |" लेकिन माँ की ये बाते आज बेमानी सी लगती हैं | सौंदर्य बोध आज के समय में बहुत ज़रूरी हो गया हैं ,इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप महिला हैं या पुरूष |
अगर आप पुरूष हैं तो स्मार्ट लिस्ट में रहने के लिये बहुत ज़रूरी हैं कि आपकी लम्बाई और चौडाई संतुलित हो| पेट बाहर तो बिलकुल भी नहीं निकला हो| इससे भी ज़रूरी हैं कि आपके सिर के बाल सही सलामत हो | सिर के बालों का कम होना या सफेद होना आपको स्मार्ट लिस्ट से बाहर कर सकता हैं |
अगर आप महिला हैं और ठीक ठाक नौकरी पेशा वाले लड़के से शादी करना चाहती हैं तो बहुत ज़रूरी हैं आप हूर की परी हो| आजकल सरकारी नौकरी वालो में" हूर की परी " की बहुत मांग हैं | "हूर की परी " शब्द को परिभाषित करना बहुत मुशकिल हैं | फिर भी कुछ विशेषताओं द्वारा इसको पहचाना जा सकता हैं | जैसे गोरा रंग , अच्छे नैन नक्श ,सुन्दर ,सुशील ,कामकाजी ,गृह कार्य दक्ष आदि आदि |
सुन्दरता की सूची में बने रहने में महिलाओं के लिये ज़रूरी हैं कि रंग गोरा ही हो|
हे प्रभु ज़रा इधर भी गौर फरमा लीजिये |आपके द्वारा रचित पृथ्वी नाम के गृह पर लोग "सौंदर्य बोध " नाम की बीमारी से ग्रसित हैं | महिलाओं के सौंदर्य का प्रतीक माने जाने वाले लम्बे बालों पर भी संकट के बादल छाये हैं | हर रोज उनकी चोटी कटने की गवाही देश भर के अखबार दे रहे हैं | हे प्रभुआपको अवगत कराना चाहती हूँ कि ज़िन ज़िन महिलाओं को आपने छोटी नाक ,बडी आँखे ,छोटा कद,सांवला रंग ,अधिक मोटा या अधिक पतला शरीर बक्शा हैं उनके आजन्म अविवाहित रहने के आसार हो गये हैं | सौंदर्य बोध से ग्रसित आधुनिक नवयुवक उनको स्वीकार नहीं कर रहे हैं और वे " मृगकस्तुरी " के समान हूर की परी की खोज कर रहे हैं | हे प्रभु कुछ "हूर की परी " धरती पर भेज दीजिये .....नहीं तो ये सृष्टि का चक्र हमेशा के लिये भी रुक सकता हैं |
अंत में प्रभु आपको बताना चाहती हूँ कि संतुलन दोनों ही तरफ नहीं हैं | सिर के बालों से विहीन वर को नकारने में आधुनिकता से ओतप्रोत महिलायें किंचित भी झिझक नहीं रही हैं | हे प्रभु आपसे करबद्ध निवेदन हैं कि पुरूष नाम के प्राणी की रचना करते हुएसुनिश्चित कर ले उसके सिर के बालों को बनाने में सबसे अच्छा और टिकाउ मैटिरियल यूज करे | हे प्रभु अब आपसे अनुमति चाहती हूँ अज्ञातवास में वापसी की | समय समय पर आपको पृथ्वीलोक की समस्याओं से अवगत कराती रहूँगी |
(शुक्रिया प्रभु मैं सौंदर्य बोध से ग्रसित नहीं हूँ ...इसका एकमात्र कारण बचपन में मेरी माँ की दी गयी सीख ....."काम देखना चाहिये ,चाम नहीं "हैं |)
#अनितापाल
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