FB-141
"कि मेरा प्रेम पत्र पढकर ..."
प्रियवर ,
नाशते में आलू के परांठे दही के साथ खाने के बाद जो नींद आयी ना उसको मैं लिख नहीं सकती अभी अभी जागी हूँ | दिल और दिमाग एकदम शुन्य और शांत हैं इसी शांति का लाभ उठाकर तुम्हे पत्र लिखने बैठी हूँ |दुआ करो को विघ्न ना आये और पत्र पूरा हो ज़ाये|
सच बताऊँ डियर ....बचपन से ही मेरी बहुत इच्छा थी उच्च शिक्षा प्राप्त कर किसी अनपढ़े से शादी करने की हमेशा सोचती रहती थी कि कोई हाई स्कूल फेल तो मिल ही जायेगा कसम से तुम पांचवी पास को पाकर मैं फूली नहीं समा रही हूँ . .. वैसे तो 10 वीं पास भी अनपढ मैं ही आते हैं पर तुम तो सोने पर सुहागा हो मेरे लिये |
प्रियवर बहुत विचित्र सी स्थिती हैं हमारे प्रेम के बीच |उधर तुमाहरे अग्रज शादी कर नहीं रहे हैं और इधर मेरे अनुज मुझे सुबह शाम एक ही मंत्र सुनाते हैं .....हमारा रास्ता साफ करो ,हम कब तक तुम्हारे चक्कर में कुँवारे रहे | डियर अपनी माताजी को समझाये कि जैसे गणित में एक सवाल को करने के कई तरीके होते हैं वैसे ही हर काम को करने के बहुत तरीके होते है ज़रूरी नहीं हमारे शादी में पदसोपान का पालन किया ज़ाये फेयोल ने ये भी कहा था कि कुछ परिस्थितियों में गैंग प्लेंक नियम(स्तर का ऊलंघन) भी लागू हो सकता हैं •| अगर हमारी स्थिती पर फेयोल के नियम को लागू किया ज़ाये तो कुछ यूँ होगा हम स्तर का उलंघन कर शादी तो कर सकते हैं पर उसके लिये हम दोनो को अपने अपने उच्चाधिकारी को इस बात से अवगत कराना होगा •|तो इस नियम के अनुसार आप पहले अपनी माता जी से बात कर पहल कीजिये उनको बताइये कि मैं ना तो राहुल गांधी हूँ और ना ही सलमान खान•|
और हां प्रियवर तुम अपने अनपढ होने पर बिलकुल दुखी मत होना | मेरे प्रेम पत्र तुम्हे विद्वान बनाने के लिये काफी हैं फिलहाल तुम फेयोल के इस सिधांत को आत्मसात कर सफल बनाने का प्रयास करिये |तुम्हे पता हैं कालीदास कितना अनपढ और महामूरख था उसको विद्वान बनाने में एक पढ़ी लिखी लड़की से शादी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभायी थी बस ऐसा ही कुछ तुमाहरे साथ होने वाला हैं ,| तुम रत्ती भर भी चिंता मत करो हम तुम्हे कलयुग के कालीदास बना देंगे |
चलिये चलते चलते एक theory और बता दूँ .....theory का नाम हैं survival of the fittest हिन्दी में इसे कहते हैं "योग्यत्म की उत्तरजीविता "|चलिये हम इसे तुमहारी गवंई भाषा में समझाते हैं ....इसका मतलब हैं ज़िसकी लाठी उसकी भैंस अब तो समझ आ ही गया होगा डियर | नहीं समझ आया तो बताइयेगा हम तुमहारी ही भैंस के उदाहरण से समझा देंगे |समझौतावादी सिद्धांत हम आपको शादी के बाद समझायेंगे |
लिखने को तो बहुत कुछ हैं प्रियवर पर अभी दिल और दिमाग खिसक रहे हैं काम की ओर so फिर कभी लिखूँगी | और हां वो जो तुम पिछले प्रेम पत्र का उत्तर दिये थे ना उसमे जहां जहां मैने प्रियवर लिखा था वहां वहां तुम प्रियवधु लिख दिये ,प्रियवधु पढकर सच में बहुत गुस्सा आया था | उसके स्थान पर क्या लिखना चाहिये था ये तो अभी मुझे भी नहीं सूझ रहा ये जो फेसबुकिया हास्य रस का आनन्द ले रहे है ना हम इनसे ही पूछकर बतायेंगे तुम्हे |
प्रियवर तुम्हे किसी भी प्रकार की चिन्ता करने की कोनो ज़रूरत ना है | खा पी के ,नहा धोके और डियो लगा के मस्त रहिये पढे लिखे बेरोजगारो से सौ जगह फायदे में हो तुम पैसा भी बचाया और दिमाग भी नी खफाया |और हां चलते चलते बता दूँ .....ये प्रेम पत्र पढकर कुछ लोग सोच रहे होंगे कि ये मछली अनिता को कैसे मिल गयी | ये लोग ना जाल बिछा फेसबुक पर मछली की ही फिराक में रहते हैं इसीलिये इनको सब मछली ही नजर आती हैं और तुम्हे पता हैं मेरी सारी सहेलिया तो जल भुनकर राख हो रही होंगी इस प्रेम पत्र को पढकर सोच रही होंगी अनिता को ये बकरा कहां से मिल गया | लेकिन डियर तुम अनपढ हो,जंगली हो पर जानवर तो बिलकुल भी नहीं हो ये बात तो मुझे पहली मुलाकात में ही पता चल गयी थी |बाकि बाते दूसरे प्रेम पत्र में |
अपना ख्याल रखना |
तुम्हारी प्रियतमा
" नीलम "
"कि मेरा प्रेम पत्र पढकर ..."
प्रियवर ,
नाशते में आलू के परांठे दही के साथ खाने के बाद जो नींद आयी ना उसको मैं लिख नहीं सकती अभी अभी जागी हूँ | दिल और दिमाग एकदम शुन्य और शांत हैं इसी शांति का लाभ उठाकर तुम्हे पत्र लिखने बैठी हूँ |दुआ करो को विघ्न ना आये और पत्र पूरा हो ज़ाये|
सच बताऊँ डियर ....बचपन से ही मेरी बहुत इच्छा थी उच्च शिक्षा प्राप्त कर किसी अनपढ़े से शादी करने की हमेशा सोचती रहती थी कि कोई हाई स्कूल फेल तो मिल ही जायेगा कसम से तुम पांचवी पास को पाकर मैं फूली नहीं समा रही हूँ . .. वैसे तो 10 वीं पास भी अनपढ मैं ही आते हैं पर तुम तो सोने पर सुहागा हो मेरे लिये |
प्रियवर बहुत विचित्र सी स्थिती हैं हमारे प्रेम के बीच |उधर तुमाहरे अग्रज शादी कर नहीं रहे हैं और इधर मेरे अनुज मुझे सुबह शाम एक ही मंत्र सुनाते हैं .....हमारा रास्ता साफ करो ,हम कब तक तुम्हारे चक्कर में कुँवारे रहे | डियर अपनी माताजी को समझाये कि जैसे गणित में एक सवाल को करने के कई तरीके होते हैं वैसे ही हर काम को करने के बहुत तरीके होते है ज़रूरी नहीं हमारे शादी में पदसोपान का पालन किया ज़ाये फेयोल ने ये भी कहा था कि कुछ परिस्थितियों में गैंग प्लेंक नियम(स्तर का ऊलंघन) भी लागू हो सकता हैं •| अगर हमारी स्थिती पर फेयोल के नियम को लागू किया ज़ाये तो कुछ यूँ होगा हम स्तर का उलंघन कर शादी तो कर सकते हैं पर उसके लिये हम दोनो को अपने अपने उच्चाधिकारी को इस बात से अवगत कराना होगा •|तो इस नियम के अनुसार आप पहले अपनी माता जी से बात कर पहल कीजिये उनको बताइये कि मैं ना तो राहुल गांधी हूँ और ना ही सलमान खान•|
और हां प्रियवर तुम अपने अनपढ होने पर बिलकुल दुखी मत होना | मेरे प्रेम पत्र तुम्हे विद्वान बनाने के लिये काफी हैं फिलहाल तुम फेयोल के इस सिधांत को आत्मसात कर सफल बनाने का प्रयास करिये |तुम्हे पता हैं कालीदास कितना अनपढ और महामूरख था उसको विद्वान बनाने में एक पढ़ी लिखी लड़की से शादी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभायी थी बस ऐसा ही कुछ तुमाहरे साथ होने वाला हैं ,| तुम रत्ती भर भी चिंता मत करो हम तुम्हे कलयुग के कालीदास बना देंगे |
चलिये चलते चलते एक theory और बता दूँ .....theory का नाम हैं survival of the fittest हिन्दी में इसे कहते हैं "योग्यत्म की उत्तरजीविता "|चलिये हम इसे तुमहारी गवंई भाषा में समझाते हैं ....इसका मतलब हैं ज़िसकी लाठी उसकी भैंस अब तो समझ आ ही गया होगा डियर | नहीं समझ आया तो बताइयेगा हम तुमहारी ही भैंस के उदाहरण से समझा देंगे |समझौतावादी सिद्धांत हम आपको शादी के बाद समझायेंगे |
लिखने को तो बहुत कुछ हैं प्रियवर पर अभी दिल और दिमाग खिसक रहे हैं काम की ओर so फिर कभी लिखूँगी | और हां वो जो तुम पिछले प्रेम पत्र का उत्तर दिये थे ना उसमे जहां जहां मैने प्रियवर लिखा था वहां वहां तुम प्रियवधु लिख दिये ,प्रियवधु पढकर सच में बहुत गुस्सा आया था | उसके स्थान पर क्या लिखना चाहिये था ये तो अभी मुझे भी नहीं सूझ रहा ये जो फेसबुकिया हास्य रस का आनन्द ले रहे है ना हम इनसे ही पूछकर बतायेंगे तुम्हे |
प्रियवर तुम्हे किसी भी प्रकार की चिन्ता करने की कोनो ज़रूरत ना है | खा पी के ,नहा धोके और डियो लगा के मस्त रहिये पढे लिखे बेरोजगारो से सौ जगह फायदे में हो तुम पैसा भी बचाया और दिमाग भी नी खफाया |और हां चलते चलते बता दूँ .....ये प्रेम पत्र पढकर कुछ लोग सोच रहे होंगे कि ये मछली अनिता को कैसे मिल गयी | ये लोग ना जाल बिछा फेसबुक पर मछली की ही फिराक में रहते हैं इसीलिये इनको सब मछली ही नजर आती हैं और तुम्हे पता हैं मेरी सारी सहेलिया तो जल भुनकर राख हो रही होंगी इस प्रेम पत्र को पढकर सोच रही होंगी अनिता को ये बकरा कहां से मिल गया | लेकिन डियर तुम अनपढ हो,जंगली हो पर जानवर तो बिलकुल भी नहीं हो ये बात तो मुझे पहली मुलाकात में ही पता चल गयी थी |बाकि बाते दूसरे प्रेम पत्र में |
अपना ख्याल रखना |
तुम्हारी प्रियतमा
" नीलम "
जवाब देंहटाएंआप की परम इच्छा तो शायद पूरी नहीं हो पाई है लेकिन कौन था यह जंगली इसके लिए प्रेम पत्र लिखा है आपके लिखने की कला बेहद खूबसूरत है
गजब का आप लिखती हैं आपकी लेखनी का स्वागत स्वागत करता हूं बहुत ही उत्तम विचारों से मन की भावना से आप आर्टिकल लिखती हो और कोई चीजें होती हैं जो दिलो दिमाग से उभरकर हमारे कागज पर हम डालते हैं जो होगी फिलिंग हमारी होती है और आपने क्या फीलिंग अपने ध्यान में रखकर इसको लिखा लाजवाब लिखा खूबसूरत लिखा और अगर कोई उसको पड़े तो उसको लगेगा कि हां आपने हर किसी के दिल की बात इसमें कहीं है और काश वह लड़की जो ऐसा वर चाहती है बहुत ही संस्कारी आज्ञाकारी और गुणकारी होगी।
महोदय आप इसे एक व्यंग्य समझे.....इस प्रेम पत्र की अाड में सामाजिक बुराइयों पर प्रहार करने का प्रयास किया है.... आप दिल पर ना ले.....thanks
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