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"मंजिल का ये सफर  नहीं हैं आसान
लेकिन मेरे पैर भी तो नहीं हैं नादान ||
मंजिलो की ये पथरीली राहे
हर पल तकती दुनियाँ की निगाहे ||
दुःखो की आँधी मुशकिलों के बवंडर
इन सब से मुझे लगता नहीं हैं डर |
परवाह हैं अपनो की इसीलिये ,
रखती हूँ हर कदम संभल संभल कर ||
आँखो में हैं सतरंगी सपने और  लक्ष्य  पर हैं ध्यान
मंजिल का ये सफर नहीं हैं आसान ||

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