FB-215
"मंजिल का ये सफर नहीं हैं आसान
लेकिन मेरे पैर भी तो नहीं हैं नादान ||
मंजिलो की ये पथरीली राहे
हर पल तकती दुनियाँ की निगाहे ||
दुःखो की आँधी मुशकिलों के बवंडर
इन सब से मुझे लगता नहीं हैं डर |
परवाह हैं अपनो की इसीलिये ,
रखती हूँ हर कदम संभल संभल कर ||
आँखो में हैं सतरंगी सपने और लक्ष्य पर हैं ध्यान
मंजिल का ये सफर नहीं हैं आसान ||
"मंजिल का ये सफर नहीं हैं आसान
लेकिन मेरे पैर भी तो नहीं हैं नादान ||
मंजिलो की ये पथरीली राहे
हर पल तकती दुनियाँ की निगाहे ||
दुःखो की आँधी मुशकिलों के बवंडर
इन सब से मुझे लगता नहीं हैं डर |
परवाह हैं अपनो की इसीलिये ,
रखती हूँ हर कदम संभल संभल कर ||
आँखो में हैं सतरंगी सपने और लक्ष्य पर हैं ध्यान
मंजिल का ये सफर नहीं हैं आसान ||
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