FB-170
"माँ "
हर रोज सोचती हूँ .....
कुछ माँ के लिये लिख दूँ |
ईश्वरतुल्य माँ की कुछ तारीफ कर दूँ ||
लिखने से पहले ही कलम रूठ जाती है
शब्दों से बनी श्रृंखला भी टूट जाती है |
कैसे लिखूँ ?? क्या क्या लिखूँ ????
इसी उधेडबुन में रह जाती हूँ ||
माँ के लिये कुछ भी लिखना
है सुरज को दिया दिखाना |
बस इतना ही चाहती हूँ
मैं जग को बताना |`
#सबकीमाँकोसमर्पित
#मिसयूमाँ
#मेरीमाँ
#Anita Pal Sukhatri
"माँ "
हर रोज सोचती हूँ .....
कुछ माँ के लिये लिख दूँ |
ईश्वरतुल्य माँ की कुछ तारीफ कर दूँ ||
लिखने से पहले ही कलम रूठ जाती है
शब्दों से बनी श्रृंखला भी टूट जाती है |
कैसे लिखूँ ?? क्या क्या लिखूँ ????
इसी उधेडबुन में रह जाती हूँ ||
माँ के लिये कुछ भी लिखना
है सुरज को दिया दिखाना |
बस इतना ही चाहती हूँ
मैं जग को बताना |`
#सबकीमाँकोसमर्पित
#मिसयूमाँ
#मेरीमाँ
#Anita Pal Sukhatri
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