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"जवान और किसान "
खेत में किसान और सीमा पर जवान
दोनो ही दे रहे हैं जान|
दोनों के खून से धरती हुई है लहूलुहान
कैसे कह दूँ मेरा भारत महान |
कैसे लिखूँ इन दोनो का दर्द
हाथ मेरे कांप रहे हैं
लेखनी हुई है सर्द |
एक सीमा पर बन पहरेदार
अपना फर्ज निभाता है
दुजा दिन भर रह भूखा प्यासा
खेतों में अन्न उपजाता है ||
आज दोनों पर आया संकट भारी है
इनका दर्द बांटना हम सब की ज़िम्मेदारी है |
भर पेट खाकर अगर
तुमको चैन से सोना है
करो संकल्प अब ना एक भी
किसान और जवान खोना है |
(हर रोज मर  रहे  हमारे किसान और जवान पूरे देश के लिये अपूरणीय क्षति है | इन दोनो की दुर्दशा से बहुत व्यथित हूँ 😢)
#जयजवानजयकिसान
#Anita Pal Sukhatri

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