खुशी से गाती हूँ ज़िंदगी का तराना ,
हंस के सहती हूँ ज़माने का ताना ||
गुजर जायेगा ये वक्त भी
और आयेगा मेरा  ज़माना ||
मेहनत से लिखना हैं ज़िंदगी का अफसाना
कहने  दो जो भी कहता हैं ज़माना ||

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

बेटियां

अहिल्याबाई होलकर जयंती