FB-198
लिखना भी एक नशा है | दिमाग में कोई विचार आ ज़ाये कोई बात परेशान करे जब तक उसको लिख ना लो तब तक एक अजीब सी कुलबुलाहट सी रहती है | एक बैचेनी सी बनी रहती है काम कोई भी करो दिमाग में वही बात ,वही विचार रहता है |ज़िनको लिखने की आदत है अगर वे लिखने को ज्यादा इगनोर करे तो पागल होने का खतरा रहता है | मार्क्स ने कहा था धर्म अफीम है लेकिन कुछ लोगो के लिये लिखना भी अफीम से कम नहीं ||
#Anita Pal Sukhatri
लिखना भी एक नशा है | दिमाग में कोई विचार आ ज़ाये कोई बात परेशान करे जब तक उसको लिख ना लो तब तक एक अजीब सी कुलबुलाहट सी रहती है | एक बैचेनी सी बनी रहती है काम कोई भी करो दिमाग में वही बात ,वही विचार रहता है |ज़िनको लिखने की आदत है अगर वे लिखने को ज्यादा इगनोर करे तो पागल होने का खतरा रहता है | मार्क्स ने कहा था धर्म अफीम है लेकिन कुछ लोगो के लिये लिखना भी अफीम से कम नहीं ||
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